धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 12 अप्रैल 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 12 अप्रैल 2025
12 अप्रैल 2025 दिन शनिवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है।आज स्नान – दान की भी पूर्णिमा आज ही से। आज किसी तीर्थ स्थान में स्नान एवं दान पुण्यदि करने से अश्वमेघ यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। आज हनुमान जी की जन्म जयंती भी है। आज ही के दिन श्री राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था इसलिए आज सालासर बालाजी (राजस्थान) में मेले का आयोजन भी होता है। आप सभी सनातनियों को “हनुमान जी महाराज के जन्म जयन्ती” की हार्दिक शुभकामनाएं।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – चैत्र मास
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 05:52 AM तक उपरांत प्रतिपदा
✏️ तिथि स्वामी – पूर्णिमा तिथि पूर्णत्व की तिथि मानी जाती है. इस तिथि के स्वामी स्वयं चन्द्र देव हैं. इस दिन सूर्य और चन्द्रमा समसप्तक होते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 06:07 PM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है और इस नक्षत्र का देवता सविता (सूर्य देव) है।
⚜️ योग – व्याघात योग 08:40 PM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : विष्टि – 04:35 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 05:51 ए एम, अप्रैल 13 तक बालव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6: 53 से 8:19 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:44 से 11:09 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:15:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:29 ए एम से 05:14 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:51 ए एम से 05:59 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:48 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:21 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:44 पी एम से 07:06 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:45 पी एम से 07:52 पी एम
💧 अमृत काल : 11:23 ए एम से 01:11 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:59 पी एम से 12:44 ए एम, अप्रैल 13
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सवाकिलो इमरती चढ़ाकर चमेली के तेल का पंचमुखा दीपक प्रज्वलित करने के उपरांत लाल ध्वजा लगाएं।
🌳 *वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – जयंती/त्योहार/व्रत/मुहूर्त- पूर्णिमा/श्री हनुमान जयंती/भद्रा/वैशाख स्नान यम नियम प्रारंभ/ राष्ट्रीय ग्रिल्ड चीज़ सैंडविच दिवस, राष्ट्रीय मौन दिवस, सिख गुरु तेग बहादुर जयन्ती, भारतीय राज्य गोवा के भूतपूर्व प्रथम मुख्यमंत्री दयानंद बांदोदकर जन्म दिवस, जैन धर्म के संस्थापक महावीर जन्म दिवस, केंद्रीय मंत्री सुमित्रा महाजनी जन्म दिवस, महामहोपाध्याय पंडित महेशचंद्र न्यारत्न भट्टाचार्य स्मृति दिवस, मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, रेल सप्ताह, वर्ल्ड डे ऑफ़ एविएशन एंड कॉस्मोनाटिक्स ✍🏼 तिथि विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है। 🗺️ *_Vastu tips* 🏜️
तुलसी के पौधे को जीवंत करने के लिए इन उपाय को आज़माएं
ज़्यादा देर धूप में न रखें: गर्मी के मौसम में तुलसी के पौधे को ज़्यादा देर तक धूप में न रखें। सुबह जब धूप हल्की हो तब वहां इस पौधे को ज़रा सा धूप दिखाएं और बाद में इसे छाँव में रख दें। दरअसल, तुलसी को दिनभर धूप में रखने से यह झुलस कर मुरझा सकती है। इसलिए, ज़्यादा देर तक धूप में रखना सही विकल्प नहीं है।
रोज पानी देना है ज़रूरी: गर्मियों में तुलसी को रोज़ाना पानी देना चाहिए। लेकिन, इस बात का भी ध्यान रखें कि ज़रूरत से ज़्यादा पानी नहीं देना चाहिए। उसकी मिट्टी को चेक करें। अगर ऊपरी मिटटी सुखी और अंदर से गीली है तब पानी नहीं डालेंगे तब भी कोई बात नहीं। साथ ही गमले में ड्रेनेज करें ताकि पानी जमा न हो।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
विच हैज़ल : लोगों को बवासीर या गुदा के आस-पास होने वाली सूजन और दर्द के बारे में सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि इसके कारण होने वाली अधिक सूजन आपको बहुत परेशान कर सकती हैं। यदि आप बाहरी बवासीर मे कुछ हद तक राहत पाना चाहते हैं तो विच हैज़ल का उपयोग कर सकते हैं।
प्राकृतिक विच हैज़ल एक ऐसा पदार्थ है, जो ऊतक को सिकोड़ता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट गुण अत्यधिक मात्रा मे पाए जाते हैं। विच हेज़ल को मुख्यतः उभार को कम करने के लिए जाना जाता है।
एक रुई मे थोड़ी से विच हैज़ल को लगाकर यदि आप बवासीर वाली जगह पर लगाते हैं, तो इससे कई लक्षणों से राहत मिल सकती है। यदि यह लक्षण बदतर बनाता है, तो लोगों को कम प्रत्यक्ष विधि का प्रयास करना चाहिए।
🌡️ आरोग्य संजीवनी 🧫
गठिया रोग के लिए सर्वोत्तम आयुर्वेदिक औषधियाँ: सिंहनाड़ गुग्गुल लाभ: जोड़ों की सूजन, दर्द और कठोरता में राहत देता है।
कैसे लें: 1-2 गोली दिन में दो बार गर्म पानी के साथ।
विशेष: यह शरीर से आम को बाहर निकालने में मदद करता है।
शतावरी खाने से क्या लाभ होता है?
महारास्नादि काढ़ा लाभ: जोड़ों की सूजन, जकड़न और कमजोरी में लाभकारी।
कैसे लें: 15-20 ml काढ़ा, सम मात्रा में गुनगुने पानी के साथ, दिन में 2 बार।
विशेष: वात रोगों के लिए प्रमुख औषधि मानी जाती है।
📚 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
बुद्धि का सही उपयोग::::
बुद्धि का सही उपयोग हमारे जीवन को सकारात्मक और सार्थक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह कुछ प्रमुख बिंदुओं पर आधारित हो सकता है:
समस्याओं का समाधान: बुद्धि का उपयोग समस्याओं को पहचानने और उनका समाधान ढूंढ़ने के लिए करना चाहिए। इससे न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक स्तर पर भी विकास संभव है।
नैतिकता और नैतिक मूल्य: बुद्धि का सही उपयोग तभी हो सकता है जब उसे नैतिक और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ा जाए। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हमारे निर्णय और कार्य समाज और मानवता के लिए लाभकारी हों।
सीखने और विकास में निवेश: बुद्धि का उपयोग नई चीजों को सीखने, ज्ञान बढ़ाने और व्यक्तिगत विकास के लिए करना चाहिए।
समर्थन और सेवा: बुद्धि का सही उपयोग दूसरों की मदद करने और सेवा करने के लिए भी किया जाना चाहिए। इससे समाज में सामूहिक रूप से सुधार होता है।
आत्मनियंत्रण और विवेक: बुद्धि का उपयोग आत्मनियंत्रण और विवेक के साथ करना चाहिए, ताकि हमारे विचार और कार्य संतुलित और उचित हों।
इन पहलुओं पर ध्यान देकर हम बुद्धि का सही उपयोग कर सकते हैं और अपने जीवन को अधिक सफल, संतुलित और सार्थक बना सकते हैं।
🙏🏼 मेरी पोस्ट को पूरी पढ़ने के लिए आपका तहे दिल से धन्यवाद
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⚜️ हमारे वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।।

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