मध्य प्रदेशराजनीति

काँग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक, संगठन मुखिया नदारत, जीत से पहले कलह जनमानस में चर्चाओं का बाजार गर्म

खोटे सिक्कों के सहारे अभेद्य किले को भेदना असंभव
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । भोजपुर विधानसभा में काँग्रेस के उम्मीदवार राजकुमार पटेल के बड़े भाई पूर्व विधायक देवकुमार पटेल ने बाड़ी में कार्यकर्ताओं की बैठक रखी गई। इस बैठक में लगभग पचास कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन हिउस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने करते हुए उपस्थित कार्यकर्ताओं से देवकुमार पटेल को परिचय दिया। परिचय उपरांत सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं से भूली ताही बिसार दे आगे की सुघ ले ..इस कहावत के साथ सभी ने काँग्रेस को जिताने की बात सभी ने एक स्वर में शपथ ली।
काँग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति।
भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में काँग्रेस के लिए हर चुनाव में जनाधार खिसकता चला गया नतीजतन तीन हजार से जीत शुरु हुई और 2018 आते तक यह आँकड़ा 29000 हजार तक पहुँच गया ।
पटवा ने क्षेत्र में अपने पुत्र का नाम बढ़ाकर तीसरी पीढ़ी को किया सामने।
कार्यक्रम को संवोधित करते हुए वरिष्ठ नेता राममोहन शर्मा ने कहा कि हमारी फूट का परिणाम हैं कि सुरेंद्र पटवा ने नामांकन में अपने पुत्र तनमय पटवा का पर्चा दाखिल कर क्षेत्र को यह बता दिया कि यह क्षेत्र पटवा के नाम से ही जाना जायेगा।
नहीं नजर आई संगठन में मजबूती।
हालांकि इस बार मध्यप्रदेश सरकार की एंटीकम्वेंसी की लहर तमाम सर्वे में काँग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही , लेकिन शहर काँग्रेस इतने के बावजूद एक दूसरे को फूटी आँख भी नहीं सुहा रहे। ऐसे में काँग्रेस कैसे पटवा जी तीसरी पीढ़ी से रोक सकती हैं। बहुमत की सरकार बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही, लेकिन शहर काँग्रेस इतने के बावजूद एक दूसरे को फूटी आँख भी नहीं सुहा रहे। ऐसे में काँग्रेस कैसे पटवा जी तीसरी पीढ़ी से रोक सकती हैं ।
भाजपा में बगावत लेकिन जनता संतुष्ट।
इस बार भाजपा की राह भी उतनी आसान नहीं जितनी होती आई हैं । इस बार भाजपा के नेताओं के साथ ही लेनदार भी काँग्रेस की बनती सरकार देखते हुए खुलकर का विरोध करते नजर आ रहे हैं ।
जनता के मन में हिंदुत्व किसान सम्मान निधि और लाड़ली बहना ।
भाजपा के विधायक को भले अपना कोई काम न हो जनता को बताने के लिए लेकिन टीवी और सोशल मीडिया पर एक एड चल रहा हैं जिसमें एमपी की जनता के मन में मोदी और शिवराज सिंह की लाड़ली बहना जनता को भुखमरी, बेरोजगारी व महँगाई जैसे अहम मुद्दों से भटकाने में सफल दिखाई दे रही ।
काँग्रेस की अभी लहर हवा में, सचेत नहीं हुए तो काँग्रेस में नेता ही बचेंगे वोट डालने के लिए।
शहर व क्षेत्र का मिजाज काँग्रेस को दो चार चुनाव और हारना होगा तभी बह जनता की भावनाओं के साथ विजय पा सकती हैं । क्योंकि जनभावनाओं को काँग्रेस के राष्ट्रीय नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री एक बार चुनाव हारकर भी नहीं समझ सके पुनः वही गलती की और रिकॉर्ड मतों से हार का सेहरा बाँधा ..इस हार ने पचास साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया क्योंकि बाड़ी कभी भाजपा फतह नहीं कर पाई थी अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज, शिवराज सिंह ने लोकसभा चुनावों में कभी शहर से जीत दर्ज नहीं कर पाए ..लेकिन 2018 के चुनाव में यह रिकॉर्ड टूटना दर्शाता हैं कि काँग्रेस जनता की नब्ज पकड़ने में विश्वास नहीं हवाई महल पर भरोसा करती हैं । इस बैठक में मुख्य रूप में प्रदेश काँग्रेस महासचिव ताराचंद साहू, पूर्व नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि भगवानदास चौहान, जिला उपाध्यक्ष ईरफान दुर्रानी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष होशियार सिंह ठाकुर, जसबंत मालवीय, सुकेश जैन, राजू चौहान, नूतन चौहान, हनीफ लाला, बब्लू भाई, दीपक चौहान सहित लगभग चालीस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही ।

Related Articles

Back to top button