यात्री प्रतीक्षालय बना नशेड़ियों का अड्डा, आगे तानी दुकानें, धूप और बारिश में खड़े रहने को मजबूर यात्री

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
अभाना/दमोह। दमोह ब्लॉक अंतर्गत आने वाला अभाना गांव आसपास के दर्जनों गांवों का प्रमुख केंद्र बिंदु है। यहां से दमोह, जबलपुर, तेंदूखेड़ा और तेजगढ़ क्षेत्र के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। बावजूद इसके बस स्टैंड तिराहे पर बना सरकारी यात्री प्रतीक्षालय अपनी उपयोगिता खो चुका है। यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से निर्मित यह प्रतीक्षालय अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनकर रह गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतीक्षालय के सामने अवैध रूप से टपरे और दुकानें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे यह पूरी तरह से नजरों से ओझल हो गया है। मुख्य तिराहे से देखने पर यह पता ही नहीं चलता कि यहां कोई सरकारी प्रतीक्षालय भी मौजूद है। अतिक्रमण के कारण यात्री वहां जाने से कतराते हैं, जबकि असामाजिक तत्व दिनभर वहां डेरा जमाए रहते हैं।
धूप और बारिश में इंतजार करने को मजबूर यात्री
प्रतीक्षालय के आसपास असुरक्षित माहौल और अतिक्रमण के चलते यात्री इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। विशेष रूप से महिला यात्रियों को वहां जाने में असहजता और डर महसूस होता है। परिणामस्वरूप लोगों को चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बारिश के दिनों में भी यात्रियों को खुले में खड़ा रहने की मजबूरी झेलनी पड़ती है।
दिनभर लगा रहता है असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
ग्रामीणों का कहना है कि प्रतीक्षालय परिसर में दिन और रात दोनों समय आवारा एवं नशेड़ी तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। यहां खुलेआम शराब सेवन किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। वहीं अतिक्रमण कर लगाई गई दुकानों के कारण आसपास यात्रियों के खड़े होने तक की जगह नहीं बची है, जिससे लोग मजबूरन तिराहे पर जाकर बसों की प्रतीक्षा करते हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने और प्रतीक्षालय को मुक्त कराने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड की यह बेशकीमती सरकारी जमीन लंबे समय से कब्जे की चपेट में है, फिर भी जिम्मेदार विभाग मौन बने हुए हैं।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने जिला कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर अतिक्रमण हटाने, प्रतीक्षालय को सुरक्षित बनाने तथा यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
अभाना बस स्टैंड तिराहे पर स्थित सरकारी यात्री प्रतीक्षालय, जो अतिक्रमण के कारण पूरी तरह नजरों से ओझल हो गया है।



