मध्य प्रदेश

किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का बेहतर जरिया है पशुपालन– स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी ने मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत जिले के 15 हितग्राहियों को प्रदान की 30 मुर्रा भैंस
रायसेन । स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी द्वारा रायसेन स्थित कामधेनु परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत मुर्रा भैंस इकाई वितरण कार्यक्रम का कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी ने कहा कि सरकार पशुपालकों और किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की योजनाओं की मदद से आज शहरों में भी युवा डेयरी, पशुपालन को व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना कृषकों की जीविका उपार्जन के साथ ही आय में वृद्धि के लिए तैयार की गई है । अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वर्तमान में यह योजना रायसेन जिले के साथ ही सीहोर एवं विदिशा में संचालित है। आज योजना के तहत जिले के 15 हितग्राहियों को 30 मुर्रा भैंस प्रदान की गई है। योजना के तहत हितग्राही स्वयं हरियाणा जाकर चयन करता हैं कि उसे कौन सी भैंस लेनी है।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा मैत्री योजना के तहत पंचायत स्तर पर शिक्षित युवक का चयन कर उसे प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही पशुओं के उपचार, टीकाकरण और गर्भाधान के लिए किट भी प्रदान की जाती है। इससे जहा पशुपालकों को ग्राम स्तर ही इलाज उपलब्ध होता है, वही रोजगार भी मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि के साथ-साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का बेहतर जरिया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों, पशुपालकों को सशक्त बनाना जा रहा है। सरकार ने किसानों और पशुपालकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक भी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती में गोबर और गोमूत्र से बनने वाली खाद का उपयोग किया जा रहा है। पशुपालन से किसानों को अतिरिक्त आय तो मिलती ही है, साथ ही गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद भी तैयार होती है। खेती में इस खाद का उपयोग करने से उत्पादन में वृद्धि होने के साथ ही मिट्टी की उर्वरकता क्षमता भी बढ़ती है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के साथ ही अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को किसानों की बहुत चिंता है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। डेयरी प्लस योजना भी किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य के साथ प्रारंभ की गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष मीणा ने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2021–22 में 271 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में सांची जनपद अध्यक्ष अर्चना पोर्ते, जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधी और अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में पशुधन और कुक्कुट विकास निगम के एमडी डॉ एचबीएस भदौरिया तथा पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ प्रमोद अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना तथा मैत्री योजना की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के जिन जिलों में दुग्ध एवं उनके उत्पादकों की मांग की तुलना में कमी है उन जिलों में यह योजना का क्रियान्वयन किया जाना है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वर्तमान में यह योजना जिला रायसेन, सीहोर एवं विदिशा में संचालित है। योजना का उद्देश्य राज्य में नय उन्नत पशुओं का उत्प्रेरण, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि एवं लघु एवं सीमांत पशुपालकों को उच्च उत्पादन क्षमता वाले पशु प्राप्त हो सकें।
योजना की कुल लागत राशि रू. 2.50 लाख है। योजना के अंतर्गत सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु 50% अनुदान तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु 75% अनुदान का प्रावधान है। हितग्राहियों को उच्च अनुवांशिक गुणवत्ता वाली दौ भैस जिनका औसत दुग्ध उत्पादन 8-10 लीटर प्रति दिन है प्रदाय की जाती है। योजना अंतर्गत 01 गर्भित भैंस (5 मांह या उससे ऊपर) जिसकी निर्धारित राशि रू. 90 हजार एवं 01 पहली व्यात भैंस जिसका दुग्ध उत्पादन 8–10 लीटर प्रति दिन होगा या दूसरी या तीसरी व्यात की भैस का जिसका दुग्ध उत्पादन 10-12 लीटर प्रति दिन की क्षमता वाली भैंस जिसकी निर्धारित राशि 1.20 लाख है। इस प्रकार इकाई की अधिकतम राशि रू. 2.10 लाख निर्धारित है। भैंसो की बीमा हेतु 8% के मान से बीमा राशि रू. 16800 है। पशु क्रय हेतु पशुपालकों के भ्रमण पर राशि रू. 7200.00 के व्यय का प्रावधान है और भैंसो के परिवहन हेतु राशि रू. 16000.00 प्रावधानित है।

Related Articles

Back to top button