1 किलोमीटर की दूरी चेक पूरी कर रहा 15 दिन में, स्थानीय चेक क्लियर होने में लग रहे 15 दिन
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । देश के प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रहे हैं जो सरकारी विभागों एवं भारत के लोगों को एक दूसरे के पास लाने की भारत सरकार की एक पहल है। लेकिन शहर में संचालित बैंक शायद इसको समझ नहीं पा रहे हैं। इसीलिए स्थानीय चेक एक बैंक से दूसरे बैंक क्लियर होने में 15 दिन का समय ले रहा है जबकि स्थानीय बैंक शाखा का चेक होने पर यह काम 3 दिन में हो जाना चाहिए। खातेदार के खाते में चेक की राशि 3 दिन में पहुंच जाना चाहिए भले ही किसी भी बैंक का चेक हो। नगर के सेंट्रल बैंक और स्टेट बैंक की दूरी तकरीबन 1 किलोमीटर से भी कम है लेकिन सेंट्रल बैंक में यदि स्टेट बैंक का अकाउंट पै चेक जमा किया जाता है। तो उसके क्लियर होने में इतनी सी दूरी 15 दिन में पूरी हो रही है। उपभोक्ताओं को चेक की राशि 15 दिन बाद उनके खाते में पहुंचने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या होती है लोकल क्लीयरिंग:- यदि चेक जारी करने वाली बैंक ब्रांच और जिस ब्रांच में आपने चेक जमा किया है अगर वह दोनों एक ही शहर में है तो इसे लोकल चेक क्लीयरिंग कहते हैं। इस स्थिति में चेक जारी करने वाला बैंक और चेक क्लियर करने वाला बैंक अलग अलग हो सकते हैं। चेक क्लीयरिंग करने के लिए बैंक आपके चेक को आरबीआई के क्लीयरिंग हाउस में भेज देता है।
आमतौर पर लोकल क्लीयरिंग में 3 दिन का समय लग जाता है इसका मतलब यह है कि तीसरे दिन आपके बैंक खाते में पैसा आ जाता है। यदि चेक किसी दूसरे शहर का है तो 1 सप्ताह का समय लग जाता है लेकिन शहर के शहर में ही 15 दिन में चेक क्लियर होना डिजिटल इंडिया को मुंह चिढ़ाने जैसा प्रतीत होता है।
शहर की बैंकों को चाहिए कि वह अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं ताकि लोगों को समय पर उनके चेक की राशि मिल सके।



