मध्य प्रदेश

महिला के सिर में रुई की जगह कंडोम के रेपर लगाकर की पट्टी, जांच शुरू

मानवीय संवेदनाएं तार-तार : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा का मामला
स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर दुरुस्त नहीं व्यवस्थाएं
ड्रेसर की करतूत पर शर्मसार स्वास्थ्य महकमा

मुरैना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा में मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। सिर पर ईंट गिरने से घायल ग्राम धर्मगढ़ की 48 वर्षीय महिला रेशमबाई गंभीर रूप से घायल अवस्था में जब पोरसा के सरकारी अस्पताल पहुंची तो ड्रेसर ने पहले पट्टी बांधी और खून रिसना बंद नहीं हुआ तो रुई की जगह कंडोम का रैपर चिपकाकर पट्टी लपेटकर जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया।

जिला अस्पताल में घाव साफ करने और टांके लगाने के लिए महिला की पट्टी खुलवाई तो डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सिर पर कंडोम के रेपर देखकर दंग रह गए। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। गुरुवार की इस घटना को पहले हल्के स्तर पर लिया गया, लेकिन वीडियो और फोटो वायरल हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्य चिकित्साव एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश शर्मा ने खंड चिकित्सा अधिकारी पोरसा डॉ. पुष्पेंद्र डंडोतिया को जांच कर शनिवार तक आवश्यक कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खबर है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा में दो ही ड्रेसर थे, जिनमें से एक का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। अब एक डे्रसर पर पूरा दारोमदार है, इसलिए मनमानी हो रही है। लेकिन स्वास्थ्य प्रशासन अनुशासन बनाने के नाम पर कोई सीधे कार्रवाई करने से बचने का प्रयास करता है।

जिले में 200 से ज्यादा प्राथमिक, उप स्वास्थ्य एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ सिविल अस्पताल आदि हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बुरा है। सामान्य मामलों में भी उपचार नहीं होता है और सीधे जिला अस्पताल रैफर कर दिया जाता है। इस महिला के मामले में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर टांके भी नहीं लगाए जा सके, जिससे खून रिसता रहा। ज्यादा खून रिसने पर खतरनाक साबित हो सकता है।

मामला संज्ञान में आ गया है। बेहद गंभीर मामला है, जांच की जा रही है। लिखित जवाब मांगा गया है, इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. पुष्पेंद्र डंडोतिया, बीएमओ, पोरसा

महिला के सिर में कॉटन की जगह कंडोम का रेपर बांधना गंभीर मामला है। जांच के आदेश दे दिए हैं। कर्मचारी व महिला के परिजनों से भी बात की जाएगी। कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. राकेश शर्मा, सीएमएचओ

Related Articles

Back to top button