मध्य प्रदेश

गंगा जमना हिजाब और धर्मान्तरण मामले में हिन्दू जागरण मंच ने केंद्रीय गृहमंत्री के नाम कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

एनआईए जांच की मांग उठाई
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। गंगा जमना के संचालकों द्वारा गंगा जमना स्कूल प्रवंधन के खिलाफ गवाही देने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को धमकाकर और लालच देकर व्यान पलटवाने का दवाब बनाने वालों पर और दमोह पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त मामले में मुख्य आरोपियों को तीन माह बाद भी गिरफ्तार न कर पाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही एवं गवाही पलटने के लिए दवाब बनाने वालों पर एनआईए के तहत कार्यवाही की मांग। ज्ञापन के माद्यम से हिन्दू जागरण मंच ने जिला दमोह मध्यप्रदेश में संचालित हो रहे इस्लामिक स्कूल गंगा जमुना में जबरन हिजाब और धर्मांतरण मामले से अवगत करा कर कठोर कार्यवाही हेतु केंद्रीय गृहमंत्री से निवेदन किया है, उक्त विषयान्तर्गत मांग उठाते हुए हैं गंगा जमना स्कूल में पड़ने वाले हिंदू एवं अन्य गैर मुस्लिम समाज छात्र और छात्राओं को जबरन हिजाब पहनाकर और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया था, हिंदू जागरण मंच ने जून महीने में ही इस कट्टरपंथी स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोला और गंगा जमुना स्कूल में चल रहे धर्मांतरण और इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख दमोह प्रशासन ने आननफानन में गंगा जमना समूह को बिना सघन जाँच किये क्लीन चिट दे दी। तत्पश्चात हिन्दू जागरण मंच एवं मीडिया के प्रयासों से सच्चाई को सामने लाया गया। जिसके बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री ने उक्त विषय की पुनः जांच करवाने के आदेश दिए। उक्त मामले में राष्ट्रीय बाल कल्याण आयोग ने संज्ञान लेते हुए स्कूल का निरीक्षण किया और कई अनिमितताओं और स्कूल में चल रहे इस्लामिक शिक्षा और हिजाब मामले को उजागर किया, और दमोह कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक महोदय को नोटिस जारी किए, उक्त मामले में गंगा जमुना स्कूल में पढ़ रहे कई गैर मुस्लिम बच्चों ने वीडियो के माध्यम से यह स्वीकार किया, कि उनको जबरन हिजाब एवं इस्लामी धर्म की पुस्तक कुरान की आयतें पढ़ाई जाती थी, कई नाबालिक बच्चों ने मीडिया के सामने उक्त आयतों को और गंगा जमुना स्कूल द्वारा किए गए कार्यों को वीडियो में स्वीकार भी किया। गंगा जमना स्कूल में पड़ने वाले नावलिक बच्चों के बयानों में स्पष्ट हुआ कि इन बच्चों को जबरन इस्लामी शिक्षा और धर्मांतरण की शिक्षा दी जा रही थी। इसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 498/23 में विभिन्न धाराओं में दमोह पुलिस प्रशासन ने मुकदमा पंजीबद्ध किया। कई महीने जांच चलने के बाद उनके ऊपर जीएसटी चोरी, अवैध जंगलों की कटाई और शासकीय संसाधनों का प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से दुरुपयोग करना पाया गया, जिसमें इनपर करोड़ों का जुर्माना कार्यवाही की गई, और कुछ महीनो के लिए उनके विभिन्न व्यावसायिक केंद्र सील कर दिये गए, गंगा जमुना व्यावसायिक समूह के पास कई हजार एकड़ जमीनों का होना भी पाया गया, उक्त विषय की जानकारी लगते ही भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री सुरेंद्र शर्मा जी द्वारा इनकी विदेशी फंडिंग और अन्य आतंकी समूहों से संबंध की जांच हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार को एक पत्र भी लिखा गया जिसमे एनआईए जांच की मांग की गई, उक्त घटनाक्रम जून महीने में घटित हुआ, पर जून माह से लेकर अभी तक दमोह पुलिस प्रशासन द्वारा गंगा जमुना के प्रबंधक और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है, हिन्दू जागरण मंच दमोह ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन किसी दबाव में आकर गंगा जमुना के संचालकों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। जिसका फायदा उठाकर गंगा जमुना संचालकों के साथी और करीबियों द्वारा उक्त केस में बयान देने वाले नाबालिक स्कूली छात्र एवं छात्राओं पर उनके घर-घर जाकर उन्हें धमकाकर एवं लालच देकर व्यान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है, उन्हें धमकी दी जा रही है कि अगर तुम लोगों ने गंगा जमुना संचालकों के पक्ष में दोबारा बयान नहीं दिए, तो आपके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा, एवं पैसे का भी प्रलोभन देकर गंगा जमुना संचालकों के पक्ष में बयान देने की लगातार प्रयास किया जा रहे हैं, जिससे यह नाबालिक बच्चे एवं बच्चियों जो कि हिंदू समाज एवं अन्य गैर मुस्लिम समाज से आते हैं अत्यंत दबाव में हैं जब उनसे संपर्क करके इन्हें धमकाने वालों की खिलाफ शिकायत करने के लिए बोला गया, तो उन्होंने डर के मारे किसी भी शिकायत करने से मना कर दिया, एवं कहा हम गरीब लोग हैं, हम अपने बच्चों को शांति से पाल रहे हैं, कृपया हमें परेशान ना किया जाए, वरना गंगा जमुना वाले इस्लामिक कट्टरपंथी संचालकों के द्वारा हमें और हमारे परिवार को परेशान एवं कत्ल कर दिया जाएगा, अगर गवाहों पर किसी भी तरीके का दबाव या उनके साथ कोई घटना कारित होती हैं, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी गंगा जमना संचालकों, इनके करीबियों और इन आरोपियों पर मेहरबान दमोह पुलिस प्रशासन की होगी, उक्त मामला बहुत ही गंभीर है एवं दमोह प्रशासन के लचर एवं उदासीन रवैया के चलते गंगा जमुना के फरार संचालक ऐसा दबाव बनाने के लिए खुला छोड़ दिए गए हैं। माननीय केंद्रीय गृहमंत्री जी से मांग करते हुए, इस विषय को संज्ञान में लेकर गंगा जमुना के संचालकों एवं गंगा जमुना में पूर्व पड़ चुके छात्र एवं छात्राओं को धमकी और दबाव बनाने वाले लोगों पर छै। के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई। उक्त ज्ञापन में हिन्दू जागरण मंच के जिला सयोंजक कृष्णा तिवारी, सूर्यकांत दवेदी, श्रवण पाठक, दीपक नेमा, सत्यम चौरिसया, शिवम, विमल, विशाल, योगेश, हर्ष, मयंक, दीपेश, नितिन ठाकुर, प्रीमेन्द्र रावत, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद।

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