मध्य प्रदेशराजनीति

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का अब तक का सफर

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबलपुर। प्रहलाद सिंह पटेल को डा. मोहन यादव की सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। प्रहलाद सिंह पटेल एक जमीनी नेता होने के साथ साथ संघ के करीबी भी रहे हैं। इसके साथ ही प्रहलाद सिंह पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के करीबी होने के साथ- साथ पसंदीदा भी है। प्रहलाद सिंह पटेल के मंत्री बनने से महाकौशल का प्रभाव बढ़ेगा। प्रहलाद सिंह को राजनीति का अच्छा खासा अनुभव है। यही वजह है कि उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
रातनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा
मध्‍य प्रदेश के मुखिया डाक्‍टर मोहन यादव सरकार में मंत्री विधायक प्रहलाद सिंह पटेल का रातनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा। नरसिंहपुर के 2,32,324 मतदाताओं के साथ भाजपा के पदधिकारियों ने प्रहलाद सिंह पटेल पर विश्‍वास जताया है। नरसिंहपुर जिले में सबसे कड़ा मुकाबला नरसिंहपुर विधानसभा सीट पर रहा जहां से केंद्रीय मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता प्रहलाद सिंह पटेल उम्‍मीदवार रहे। इनके समक्ष कांग्रेस के लाखन सिंह पटेल से इनका मुकाबला था। लाखन सिंह अनेक नेताओं की तरह ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद के शिष्यों में शामिल हैं। प्रहलाद सिंह पटेल भाजपा के प्रचार अभियान में सहभागिता निभाई, वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ यहां सभा कर चुके हैं।
प्रहलाद सिंह पहली बार 1989 में 9 वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे
प्रहलाद सिंह पटेल मध्य प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वाजपेयी प्रशासन में एक पूर्व कोयला मंत्री, प्रहलाद सिंह पहली बार 1989 में 9 वीं लोकसभा के लिए चुने गए और फिर 1996 में 11 वीं लोकसभा (दूसरा कार्यकाल) , 1999 में 13 वीं लोकसभा (तीसरा कार्यकाल), 16 वीं लोकसभा 2014 में (चौथा कार्यकाल) के लिए चुने गए। वे वर्तमान में मध्य प्रदेश में दमोह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय संसद के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। वे कटनी जिले में नर्मदाखंड सेवा संस्थान मसंध, तहसील बहोरीबंद के संस्थापक हैं। वे नियमित रूप से विभिन्न रक्तदान और नेत्र दान शिविरों का संचालन करते हैं और गरीब बच्चों और व्यक्तित्व विकास पाठ्यक्रमों को शिक्षित करने के लिए विभिन्न वर्गों का संचालन भी करते हैं।
28 जून 1960 को गोटेगांव में जन्‍मे पटेल भारतीय राजनीतिज्ञ और राजनेता
प्रह्लाद सिंह पटेल का जन्म 28 जून 1960 को गोटेगांव में हुआ था। पटेल भारतीय राजनीतिज्ञ और राजनेता हैं। वह लोधी (जाति) से आते हैं। वह पूर्व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री और भारत के जल शक्ति, तीसरे वाजपेयी मंत्रालय में कोयला राज्य मंत्री थे। वह पेशे से एक वकील हैं। वह गवर्नमेंट साइंस कॉलेज, जबलपुर से स्नातक हैं।
निजी जीवन
पूरा नाम प्रहलाद सिंह पटेल है। उनका जन्म 28 जून 1960 को नरसिंहपुर के गोटेगांवमें हुआ था। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं। व्यवसाय से कृषक हैं। पिता का नाम मूलम सिंह पटेल, माता का नाम यशोदाबाई पटेल तथा जीवनसाथी का नाम पुष्पलता सिंह पटेल है। इनकी संतानों में एक पुत्र और दो पुत्री हैं।
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वे मध्य प्रदेश में जबलपुर सरकार विज्ञान महाविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने दो बार पवित्र नदी नर्मदा की परिक्रमा पूरी की, पहली बार 1994-96 में और दूसरी 2004-05 के दौरान। वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के न्यायालय सदस्य हैं। कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स में उनकी गहरी रुचि है। वे गोटेगांव के सहयोग क्रीड़ा मंडल के सदस्य हैं।
प्रहलाद सिंह को टिकट देने को लेकर चर्चा जोरों पर रही
भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद सिंह पटेल के पास सरकारी ताकत रही। प्रहलाद पटेल का परिवार और उनके विधायक भाई जालम सिंह पटेल साथ हैं। कांग्रेस, प्रहलाद सिंह पटेल को हेलीकाप्टर मंत्री बताती है। जालम सिंह पटेल का टिकट काटकर बड़े भाई व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह को टिकट देने को लेकर चर्चा जोरों पर रही। कांग्रेस प्रत्याशी लाखन स्वयं कहे थे कि जालम सिंह से मुकाबला और कड़ा होता। आमगांव के कीरत लाल कहते हैं कि प्रहलाद सिंह केंद्र की राजनीति से जुड़े हैं और अपने क्षेत्र में प्रचार भी नहीं कर पा रहे। अपना नेता सुलभता से मिले ऐसा होना चाहिए।
यहां इतने प्रतिशत हुआ था मतदान
नरसिंहपुर में चार विधानसभा नरसिंहपुर, गोटेगांव, तेंदूखेड़ा और गाडरवारा की जनता ने विधायक चुना और भोपाल विधानसभा भेजा। जिले में पिछले विधानसभा निर्वाचन 2018 में जहां 81.65 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसकी तुलना में इस वर्ष 2.14 प्रतिशत मतदान बढ़ते हुए कुल 83.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। आंकड़ों के अनुसार विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में 83.29 प्रतिशत, नरसिंहपुर में 83.11 प्रतिशत, तेंदूखेड़ा में 85.76 प्रतिशत व गाडरवारा में 83.30 प्रतिशत सहित ज़िले में कुल 83.79 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें सर्वाधिक मतदान 85.76 प्रतिशत तेंदूखेड़ा विधानसभा में हुआ था। जिसमें जिले के भर से 7 लाख 11 हजार 777 मतदाता जिसमें 374756 पुरुष, 337013 महिला और 8 अन्य मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था।
राजनीतिक घटनाक्रम
2014 वे सार्वजनिक उपक्रमों की समिति, सरकारी आश्वासनों पर समिति, ग्रामीण विकास पर स्थायी समिति, वीवी गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान की कार्यकारी परिषद और श्रम और रोजगार मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य बने। 2014 वे दमोह से 16 वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने गए जहां उन्होंने कांग्रेस के चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह को हराया। 2011 वे तीन साल तक भारतीय जनता मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारतीय जनता मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष रहे।
2004 के चुनाव कांग्रेस के कमलनाथ से हार गए
वे छिंदवाड़ा से 2004 के चुनाव कांग्रेस के कमलनाथ से हार गए। 2003 उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री, कोयला मंत्रालय के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया। 2000 2000-2003: सदस्य, परामर्शदात्री समिति, खान और खनिज मंत्रालय। 1999 वे मध्य प्रदेश के बालाघाट निर्वाचन क्षेत्र से 13 वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने गए। वर्ष 1999-2000 तक, वे निजी सदस्यों के विधेयकों और संकल्पों पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन और समिति संबंधी स्थायी समिति के सदस्य रहे।
कृषि मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य चुने गए थे
1996 में उन्होंने सचेतक, भाजपा संसदीय दल लोकसभा और शहरी संबंधी स्थायी समिति के सदस्य और ग्रामीण विकास, विशेषाधिकार समिति और सलाहकार समिति, कृषि मंत्रालय के रूप में कार्य किया। 1996 कांग्रेस की विमला वर्मा को हराकर पटेल सिवनी से दूसरे कार्यकाल के लिए 11 वीं लोकसभा के लिए दोबारा चुने गए। उन्होंने विमला वर्मा को 1998 में आगामी चुनाव हार गए थे। 1990 वे खाद्य और नागरिक आपूर्ति और सलाहकार समिति, कृषि मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य चुने गए थे।
गगरी शंकर मिश्रा को हराया
1989 वे मध्य प्रदेश के सिवनी से 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए जहाँ उन्होंने कांग्रेस के गगरी शंकर मिश्रा को हराया। 1986 1986 से 1990 तक, उन्होंने युवा मोर्चा के सचिव, और भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश के महासचिव के रूप में कार्य किया। 1982 प्रहलाद सिंह पटेल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक जिला अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के रूप में की। 2004 पवित्र नदी नर्मदा (दूसरा कार्यकाल) (2004-05) की परिक्रमा पूरी की । 1998 महानिदेशक, नेहरू युवा केंद्र संगठन; निदेशक, एलआइएनपीई, ग्वालियर (1998-99)। 1994 पवित्र नदी नर्मदा (पहली अवधि) (1994-96) की परिक्रमा पूरी की। 1980 अध्यक्ष, छात्र संघ, जबलपुर गवर्नमेंट साइंस कॉलेज, मध्य प्रदेश (1980-81)।

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