मध्य प्रदेश

एमआरपी से अधिक में बेंची जा रही शराब, आबकारी विभाग बना आज्ञाकारी

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । मध्यप्रदेश सरकार की नई शराब नीति में सुरा प्रेमियों के लिए तैरह प्रतिशत कम दर पर शराब मिलने की घोषणा की लेकिन जिला आबकारी विभाग ठेकेदार का आज्ञाकारी सेवक बनने से ठेकेदार खुलेआम सफेद के देशी क्वाटर जिसकी एमआरपी 57 रुपये हैं उसे 80 रुपये में बेंच रहा हैं ।
गाँव गाँव बिक रही देशी विदेशी जहरीली नकली शराब ।
कहने को तो शराब ठेके सरकारी होते हैं जिसमें होने बाली आय सरकारी खजाने में जाती हैं , लेकिन बाड़ी शराब देव कृपा इंटरप्राइजेज की गाड़ियों से प्रतिदिन सेकड़ों पेटी शराब खुलकर परिवहन और गद्दीदार बैठाकर पूरे क्षेत्र में ठेके से सस्ती शराब उपलब्ध करा रहा जो नकली शराब होती इसका शासन में कोई रिकॉर्ड नहीं होता ।
एमआरपी से अधिक बेंचने पर नहीं कोई कार्यवाही।
शुरुआत में ही ठेकेदार ने आबकारी अधिकारियों को आज्ञाकारी बना कर खुलेआम हर शराब की बोतल पर तय कीमत से अधिक राशि बसूल करने की शिकायत और गाँव गाँव में बुलेरो गाड़ियों से शराब की सचित्र खबर और वीडियो चलाने के बाद भी आबकारी विभाग ने कोई दंड़ात्मक कार्यवाही नहीं लेकिन ठेकेदार को एमआरपी पर बेंचने की विनती की। विगत एक सप्ताह से शराब के शौकीनों की शिकायत मिल रही थी कि ठेके पर शराब के रेट अधिक बसूले जा रहे तो हमने हमारे मित्र को भेजकर शराब बुलाई तो यह बात प्रमाणित हो गई कि ठेकेदार बगैर किसी भय के ऊँचे दामों में शराब बिक्रय कर रहा ।
आबकारी टीम महज कच्ची शराब बनाने बालों तक ही सीमित।
ठेके की शराब गरीबों के लिए मँहगी पड़ती हैं इसलिए बह कच्ची शराब की और आकर्षित होकर कच्ची शराब पीने लगते हैं जब ठेके पर ग्राहकी कम होने लगती हैं तो ठेकेदार के आज्ञाकारी सेवक तत्काल ही पो फटने से पहले ही कच्ची शराब बनाने बालों की घरपकड़ शुरु कर देते । लेकिन उन्हें उसी गाँव में अवैध रूप से कच्ची पक्की शराब बिकने की जानकारी नहीं होना ही आज्ञाकारी कहलाता हैं ।
इस संबंध में राजेश विश्वकर्मा, आबकारी वृत अधिकारी बरेली का कहना कि बाड़ी शराब दुकान पर अधिक कीमत पर शराब बिक रही हैं इसकी जानकारी मुझे नहीं हैं में दिखवाता हूँ ।

Related Articles

Back to top button