जांच के डर से घोटाले बाजबाबू 1 माह के अवकाश पर, तात्कालिक अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज

नायब तहसीलदार कार्यालय उमरियापान का मामला
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । नायब तहसीलदार कार्यालय उमरियापान में पदस्थ चर्चित लिपिक द्वारा शासन को लाखों रूपये की राजस्व हानि कारित करते हुये घोटाला किया गया है लेकिन जैसे ही इस मामले का नवभारत के द्वारा खुलासा किया गया तो आनन-फानन में उसके द्वारा पुराने प्रकरणों में नई तारीख के स्टाम्प लगा दिये गये। यहां पर सहायक ग्रेड-3 सुरेश शर्मा के द्वारा चतुराई करते हुये जिन प्रकरणों पर 1000 का जुर्माना किया गया था वहां पर मात्र 100 रूपये की रसीद संलग्र की गई और जहां पर 1000 रूपये की स्टाम्प शुल्क लगाई जानी थी वहां पर मात्र 100 रूपये की स्टाम्प शुल्क लगाई गई और चालाकी बताते हुये उसके द्वारा आखिरी का शून्य में सफेदा लगाकर मिटा दिया गया।
यर्ह सर्वविदित है कि संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार शुल्क अदा की गई है या नहीं यह संबंधित अधिकारी को भी देखना चाहिये था लेकिन न तो संबंधित अधिकारी के द्वारा प्रकरणों की जांच की गई और न ही लिपिक के द्वारा नियमानुसार शुल्क लगवाया गया। लिहाजा तत्कालिक अधिकारियों और लिपिक की लापरवाही के कारण शासन को राजस्व की हानि हुई जिसके लिये अधिकारी और लिपिक दोनों जिम्मेदार है।
उल्लेखनीय है कि उमरियापान नायब तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 सुरेश शर्मा के द्वारा बंटवारा, अतिक्रमणों के प्रकरणों में जिसमें ग्राम करौंदी, खंदवरा , भटगना एवं घुघरी बिरान जो कि ग्राम पंचायत महनेर के अंतर्गत आते हैं वहां की भोले भाले आदिवासियों से जमकर खाईबाजी की गई और संबंधित ग्रामीणों से प्रकरणों में लगने वाली शुल्क ली गई लेकिन उसके द्वारा प्रकरणों में संलग्र नहीं किया गया है। शासन को प्राप्त होने वाले राजस्व में उसके द्वारा गबन कर लिया गया। करौंदी, खंदवरा, भटगना एवं घुघरी बिरान के ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि उनसे 7 से 8 हजार रूपये अतिक्रमण के मामले में लिये गये जबकि रसीद मात्र 1000 हजार रूपये की दी गई। और सहायक ग्रेड-3 सुरेश शर्मा के द्वारा रसीद देते समय यह कहा गया कि यह पट्टा है इसे संभाल कर रखना लेकिन जैसे ही कुछ समय पश्चात पुन: अतिक्रमण के मामले में उन्हें नोटिस मिला तब इस बात की पोल खुली कि वह पट्टा नहीं बल्कि जो प्रकरण न्यायालय के समक्ष चल रहा था उसकी जुर्माना की रसीद थी।


