तितली पार्क गोपालपुर में अनुभूति कैंप का आयोजन किया
शासकीय हाई स्कूल सलामतपुर के 140 स्कूली छात्र छात्राओं ने जंगल की सैर की
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । सामान्य वन मंडल रायसेन सर्किल के तहत पश्चिमी वन रेंज के तहत अनुभूति कैंप का आयोजन तितली पार्क गोपालपुर में आयोजित किया गया। जिसमें शासकीय हाईस्कूल सलामतपुर के करीब 140 छात्र-छात्राओं में अनुभूति कैंप में हिस्सा लिया इस मौके पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ स्कूली छात्रों ने तितली पार्क के जंगल की शेर की वही पेड़ को बचाने जंगल में आग लगने से बचाव और वनस्पति सहित पेड़ पौधों और जंगली जानवरों जंगली जीवो के बारे में जानकारी हासिल की गुरुवार को सुबह 10 बजे स्कूली छात्र छात्राओं का दल बस द्वारा तितली पार्क गोपालपुर पहुंचा ।अनुभूति कैंप में मुख्य अतिथि के रूप में वन विभाग वृत भोपाल के सीसीएफ राजेश खरे पहुंचे। इसके अलावा सहित डीएफओ रायसेन औबेदुल्लागंज विजय कुमार सिंह, एसडीओ सुधीर कुमार पटले रेंजर सहित पश्चिमी वन रेंज आरके चौधरी पूर्वी वनरेंज के रेंजर वीरेंद्र कुमार सहित डिप्टी रेंजर बंटू श्रीवास्तव, तितली पार्क गोपालपुर के प्रभारी फॉरेस्ट गार्ड श्रवण कुमार यादव डिप्टी रेंजर मिश्रीलाल तिलचोरिया, प्रभात यादव ,नरेश कुशवाहा, राकेश कैलोदिया, फारेस्ट गार्ड राहुल मेहरा, संजय कुमार मौर्य, हेड क्लर्क अश्वनी मिश्रा, भावना सेंगर सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित हुए।
साथ ही पर्यावरण को सुधारने और बचाने के सुझाव दिए वन महकमे के अधिकारियों ने बच्चों की जिज्ञासाओं को भी शांत किया और वनस्पति वनस्पति बिगड़ते ग्लोबल ग्लोबल वार्मिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया । साथ ही पर्यावरण को सुधारने और बचाने के सुझाव दिए वन महकमे के अधिकारियों ने बच्चों की जिज्ञासाओं को भी शांत किया और वनस्पति वनस्पति बिगड़ते ग्लोबल वार्मिंग सिस्टम को ठीक करने के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर एसडीओ सुधीर पटले रायसेन द्वारा स्कूली छात्र छात्राओं से जंगल की वनस्पति औषधि ,पौधे गिलोय तुलसी नीम हर्बल आदि के बारे में सवाल जवाब किए तो बच्चों ने जवाब भी दिया और जिज्ञासाओं को शांत किया। इसके अलावा जंगल के वन्य प्राणियों पशुओं वन्यजीवों पक्षियों सहित तितली कीड़े मकोड़ों के बारे में बताया और सवाल-जवाब भी किए । इस अवसर पर गोल घेरा बनाकर बच्चों ने कई खेलों का प्रदर्शन किया । यह अनुभूति के स्कूली छात्र छात्राओं के लिए ना बल्कि मनोरंजन का साधन बना। बल्कि नई-नई जानकारी भी उन्होंने अपने जीवन में हासिल की। बाद में अधिकारियों और स्कूली छात्रों ने भोजन का आनंद भी उठाया।




