मध्य प्रदेश

तीन कैंपस में संचालित सीएम राईज स्कूल के केंपस क्रमांक तीन में लग रहे प्राथमिक स्कूल में न शौचालय, न खेल मैदान, क्लास रूम

अफसरों का अजब गजब कारनामा
उत्कृष्ट विद्यालय में लग रहे दो कैंपस, एक 1 कैंपस 500 मीटर दूर, अभिभावक प्रवेश दिलाने से कतरा रहे हैं
पहले नजदीकी कन्या शाला स्कूल को प्राचार्य ने जोड़ा, फिर बाद में बदलकर दूसरे स्कूल को जोड़ा

सिलवानी। सीएम की सबसे महत्वकांक्षी योजना पर अफसर किस तरह से पलीता लगा रहे हैं इसकी एक बानगी सिलवानी तहसील में सीएम राईज स्कूल के लिए चयनित उत्कृष्ट विद्यालय में आसानी से देखी जा सकती है । सीएम की मंशा है कि प्रायवेट स्कूल से बेहतर शिक्षा नगर के छात्र छात्राओं को मिले और फीस भी कम लगे । लेकिन जिम्मेदार अफसर सीएम की इस महत्वपूर्ण् योजना पर पानी फैरते नजर आ रहे हैं । दरअसल अफसरों ने नगर का उत्कृष्ट विद्यालय सीएम राईज स्कूल चयनित किया है, इसके अंतर्गत कक्षा 1 से कक्षा 12 तक कक्षाएं संचालित कर गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सर्व सुविधा युक्त शिक्षा दिया जाना है । लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है । जिस भवन में प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहा है वहां विभागीय अफसरों की लापरवाही के चलते अभिभावक अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने से ही कतरा रहे हैं । जिसके कारण निकलकर सामने आए हैं। पहला कि स्कूल वर्तमान स्कूल से एक किमी की दूरी पर है दूसरा वहां पर खेल मैदान, शौचालय आदि कुछ भी नहीं है। साथ ही नदी किनारे स्कूल होने से अनहोनी की भी आशंका अभिभावकों को सता रही है । हालत यह है कि जीर्णशीर्ण दो कमरों में प्राथमिक स्कूल संचालित किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सीएम राईज संचालित स्कूल तीन केंपस में संचालित किया जा रहा है । कैंपस क्रमांक एक में कक्षा 9 से 12 और कैंपस क्रमांक 2 में 6 से 8 और कैंपस क्रमांक 3 में कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन कैंपस क्रमांक तीन सुविधा विहीन बना हुआ है, वहीं जीर्णशीर्ण हालत है जिससे अनहोनी की भी आशंका बनी हुई है ।
सहायक संचालक ने भी जताई थी नाराजगी
लोक शिक्षण संचनालय से सहायक संचालक उपाध्याय और उनकी टीम ने भी सीएम राईज स्कूल का निरीक्षण करने आई थी तो उन्होंने भी नाराजगी जताते हुए दूसरे किसी नजदीकी स्कूल या फिर उत्कृष्ट विद्यालय में ही खाली पड़े 7 कमरों में स्कूल शिफ्ट करने की बात कही थी, जिसको लेकर प्राचार्य ने भी बरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। लेकिन अब तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है । दरअसल तत्तकालीन प्राचार्य आजाद राय ने पहले कन्याशाला को सीएम राईज स्कूल से जोड़ा था, लेकिन बरिष्ठ अफसरों के लगातार फोन पर आ रहे दबाव के चलते उन्होंने स्कूल चेंज कर दिया अब परेशानी का कारण बन रहा है ।
7 कमरों की जरुरत, 3 कमरे ही
जिस स्कूल में वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक का सीएम राईज स्कूल संचालित हो रहा है, उसमें फिलहाल तीन कमरें है दो में कक्षाएं लग रही है, एक प्राचार्य और कार्यालय स्टाफ उपयोग कर रहा है । जबकि इस स्कूल में 7 कमरों के साथ शौचालय और खेल मैदान की भी जरुरत है।
एक ही केंपस कर खर्च कर दी राशि
विद्यालयों के उन्नयन, मरम्मत, विकास कार्य और मूल भूत सुविधाओं के लिए शासन से 5-5 लाख रुपए का अलग से बजट आया था, लेकिन जिम्मेदारों ने एक ही केंपस पर इसे खर्च कर दिया, जिससे यह स्कूल सीएम राईज स्कूल जैसा प्रतीत ही नहीं होता है । अब 30 जून तक ही प्रवेश होना है ऐसे में अभिभावक यहां प्रवेश लेने से कतरा रहे हैं ।
आजाद राय, तत्कालीन प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय का जैसा अफसरों ने बताया वैसा किया, हमने तो पहले नजदीकी कन्या शाला स्कूल से सीएम राईज स्कूल को जोड़ा था, लेकिन अफसरों के बार बार फोन आने पर काजी मोहल्ला के स्कूल को जोड़ना पड़ा । जैसा बरिष्ठ अफसर बताते रहे वेसा ही किया । चूकि नजदीकी स्कूल को जौड़ना था इसलिए इसे जौड़ा है । अब परेशानी आ रही तो हम क्या करें ।
एन.पी. शिल्पी प्राचार्य, सीएम राईज स्कूल का कहना है कि हमने विद्यालय बदलने लिखा है पत्र, यह सही है परेशानी आ रही है, लेकिन हमने स्कूल बदलने के लिए बरिष्ठ कार्यालय पत्र लिखा है । जो भी काम किया गया है वह तत्कालीन प्राचार्य ने किया है, इसमें हमारा कोई लेना देना नहीं है । पहले वाले प्राचार्य और अफसरों को इसका ध्यान रखना चाहिए था । उन्होंने तो अभी ज्वाईन किया है अब धीरे धीरे व्यवस्थाएं सुधार रहे हैं ।
नरेश रघुवंशी, बीईओ का कहना है कि सभी मिलकर कर रहे प्रयास, परेशानी आ रही है हमने तो ब्लॉक के 32 स्कूलों का प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा था, जिसमें यह चयन हुआ है। शेष अधिकार प्राचार्य को रहते हैं, उन्होंने ही इस स्कूल का चयन किया है। पूर्व में सहायक संचालक ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की थी, हमने भी लिखकर दिया है । बीईओ, बीआरसी का किसी भी प्रकार का रोल नहीं रहता ।

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