कृषिमध्य प्रदेश

जिले में मानसून की स्थिति देखते हुए कृषि विभाग ने दी सलाह, किसान ढाई इंच बारिश होेने पर ही करें बोवनी,

किसानों को विशेष सलाह, क्या कहते हैं विशेषज्ञ
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
मानसून की बारिश के साथ ही किसानों ने खरीफ फसल की बोवनी की तैयारियां शुरू कर दी हैं।अब तक जिले के प्रत्येक ब्लॉक में बारिश हो चुकी है। लेकिन जिला कृषि विभाग की सलाह है कि किसान तभी बोवनी करें जब उनके इलाकेे में ढाई इंच बारिश हो जाए। यानी कि खेत में बुवाई के लिए पर्याप्त नमी का होना जरूरी है। वहीं बीज बोने से पहले उसे चैक अवश्य कर लें। क्याेंकि पिछले कई सालों में किसानों को सोयाबीन के बीज में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा के वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ स्वप्निल दुबे उपसंचालक एनपी सुमन की सलाह है कि किसान पहले तो ऐसे स्थान से ही बीज खरीदें। जहां प्रमाणित बीज मिल रहा हो। बाजार से खरीदते समय बिल अवश्य लें। साथ ही यदि घर का बीज बोना चाहते हैं तो पहले 100 बीजों को अंकुरण करवाकर देख लें। यदि इनमें से 6 0 से 70 बीज अंकुरित होते हैं तो ही इसका इस्तेमाल करें। यदि अंकुरण का प्रतिशत 6 0 है तो बीज की मात्रा बढ़ानी पड़ेगी। ऐसे में किसानों को अधिक खर्च भी आ सकता है। इसलिए बीज का चुनाव सोच समझकर ही करें।
सोयाबीन : सोयाबीन की बुवाई इस सप्ताह कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए ढाई इंच बारिश का होना जरूरी है। बीज प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें। बीजों को बोने से पहले सोयाबीन के लिए उपयुक्त राइजोबियम और सोयाबीन फास्फोरस विलायक बैक्टीरिया से अवश्य उपचार कर लें। क्योंकि इस तरीके से बीजों के अंकुरण तथा उत्पादन में वृद्धि होती है। सोयाबीन की उन्नत किस्में- आरबीएस 2001-04, आरवीएस 2007-6 , जे एस 956 0, जे एस 2029 हैं।
मूंग : मूंग एवं उड़द की फसल की बुवाई के लिए किसान उन्नत बीजों का चयन करें। जैसे पूसा विशाल, पूसा- 5931, एस एम एल 6 6 8 , सम्राट आदि तथा उड़द की किस्में जैसे- टाइप-9, टी-31, टी 39 आदि बुवाई से पूर्व बीजों को फसल विशेष राइजोबियम तथा फास्फोरस सोलूबलीजिंग बैक्टीरिया से अवश्य उपचार करें। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होना आवश्यक है।
अरहर: अरहर की बुवाई इस सप्ताह कर सकते हैं। बीजों को बोने से पहले अरहर के लिए उपयुक्त राइजोबियम तथा फास्फोरस विलायक बैक्टीरिया से अवश्य उपचार कर लें। अरहर की उन्नत किस्में- आर. बी. एस-28 . के. एम. टी-7. आई. सी.पी.एल-8 7 (प्रगति), टी.जे.टी.-501 हैं।
धान : मानसून के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए, किसानों को सलाह है कि वे धान की नर्सरी की तैयारी शुरू कर दें। एक हेक्टेयर फसल के लिए 8 00-1000 वर्ग मीटर की नर्सरी पर्याप्त होती है। नर्सरी में बीज बोने से पहले 2 ग्राम प्रति किलो बीज की कैप्टेन से उपचार करें।
संकर किस्में: पीएचबी 71. पंत संकर धान 1. उच्च उपज देने वाली किस्में पूसा 44, पंत धन-4, पंत धन-10, पूसा-8 34, पूसा बासमती-1, पूसा बासमती-1509, पूसा उन्नत बासमती, पूसा सुगंधा-5. पूसा सुगंधा-4 (पूसा 1121 ). रणवीर बासमती और तरावड़ी बासमती।
उप संचालक कृषि अधिकारी एनपी सुमन कहते हैं कि ढाई इंच बारिश होने पर ही किसान बोवनी करें। यदि वह बोवनी के लिए घर का बीज इस्तेमाल कर रहे हैं तो कम से कम 100 बीज को क्यारी में डालकर चैक कर लें। यदि 100 बीजों में से 6 0 से अधिक बीज अंकुरित हुए हैं तो ही उसका इस्तेमाल किया जाए। बाजार से खरीदते समय बिल अवश्य लें।

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