धार्मिक

पांच वर्ष की उम्र में भजन साधना से ध्रुव को मिले भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और भक्ति

राजा दक्ष द्वारा शिव का अपमान अहंकार का प्रतीक था जबकि सती का त्याग और शिव के प्रति अटूट प्रेम भक्ति का प्रतीक है : पंडित रेवाशंकर शास्त्री
श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा में तीसरे दिवस पर सती दक्ष प्रसंग का मार्मिक वर्णन अहंकार के विनाश व भक्ति की विजय का संदेश दिया

सिलवानी। ग्राम पंचायत सिंगपुरी उचेरा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित रेवाशंकर शास्त्री ने भक्त प्रह्लाद प्रसंग के साथ-साथ देवी सती और राजा दक्ष के यज्ञ की मार्मिक कथा का विस्तार से बखान किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रजापति दक्ष के अहंकार और भगवान शिव के प्रति द्वेष के कारण सती को अपने शरीर का त्याग जैसा कठोर निर्णय लेना पड़ा और आगे चलकर सती माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लेकर शिव से विवाह हुआ। कथा व्यास रेवाशंकर शास्त्री ने कहा कि दक्ष द्वारा शिव का अपमान अहंकार का प्रतीक था जबकि सती का त्याग और शिव के प्रति अटूट प्रेम भक्ति की पराकाष्ठा है। सती के शरीर के अंगों से 51 शक्तिपीठों की उत्पत्ति हुई जो आज भी शक्ति उपासना के प्रमुख केंद्र हैं। यह प्रसंग मानव जीवन में अहंकार त्यागकर भक्ति और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा व्यास रेवा शंकर शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा का रसास्वादन कराते हुए कहा कि पांच वर्ष की उम्र में भजन साधना से ध्रुव को मिले भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन भक्ति और तपस्या की अद्भुत महिमा है
अटूट श्रद्धा कठोर तपस्या और निष्कलंक भक्ति की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करते हुए मात्र पांच वर्ष की अल्पायु में ध्रुव ने भजन-साधना के बल पर भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन प्राप्त किए। यह प्रसंग न केवल भक्ति मार्ग की श्रेष्ठता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि सच्चे मन और पूर्ण समर्पण से की गई आराधना से ईश्वर स्वयं भक्त के समक्ष प्रकट होते हैं। ध्रुव की यह कथा आज भी मानव जीवन को अहंकार त्याग धैर्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा में संकीर्तन मंडली के सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक मनमोहक भजन प्रस्तुत किए जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे श्रीमद्भागवत का आयोजन बालमुकुन्द यादव बाबूजी सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर एवं महेंद्र पाल यादव सरपंच प्रतिनिधि एवं परिजनों द्वारा श्रीमद्भागवत का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंच रहे हैं।

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