ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 22 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 22 जून 2024
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☸️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 06:37 AM तक उपरांत प्रतिपदा तिथि 05:13 AM तक उपरांत द्वितीया
📝 तिथि स्वामी – पूर्णिमा तिथि के देवता हैं चंद्रमा। इस तिथि में चंद्रदेव की पूजा करने से मनुष्‍य का सभी जगह आधिपत्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 05:54 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है तो वहीं राशि स्वामी गुरु है।
⚜️ योग – शुक्ल योग 04:45 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
प्रथम करण : बव – 06:37 ए एम तक बालव – 05:58 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 05:12 ए एम, जून 23 तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:04 ए एम से 04:44 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:24 ए एम से 05:24 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:51 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:43 पी एम से 03:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:22 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 11:37 ए एम से 01:11 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, जून 23 से 12:43 ए एम, जून 23
🚕 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : दान पूर्णिमा, कबीर जयन्ती, आषाढ़ मास आरंभ, गुरु हरगोविंद सिंह जयन्ती, देवस्थान पूर्णिमा (उड़ीसा – बंगाल), पूर्णिमा समाप्ति सुबह 06.37, बलिदान दिवस, राष्ट्रीय चुंबन दिवस, विश्व वर्षावन दिवस, महारानी विक्टोरिया हीरक जयंती, भारतीय अर्थशास्त्री डॉ. अरुण घोष स्मृति दिवस, प्रसिद्ध खलनायक अमरीश पुरी जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता बाबूराव पेंढारकर जन्म दिवस, फिलिपिनी अभिनेत्री मोना लिसा जन्म दिवस, भारत के प्रसिद्ध कवी जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’ स्मृति दिवस, अभिनेता एल. वी. प्रसाद स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
🏞️ Vastu tips 🗽
किसी के हाथ में न दें ये चीजें
आपको कभी भी पीली सरसों किसी के हाथ में नहीं देनी चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो माना जाता है कि अपनी लक्ष्मी आप दूसरे के हाथों में दे देते हैं। इसलिए ये गलती करने से आपको बचना चाहिए। आपकी आर्थिक स्थिति के लिए ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
नमक से जुड़े कई उपायों और सावधानियों के बारे में आपने सुना होगा। नमक एक ऐसा पदार्थ है जिसका इस्तेमाल सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के कार्यों में किया जाता है। इसलिए आपको कभी भी किसी के हाथ से अपने हाथ में नमक नहीं लेना चाहिए ना ही अपने हाथ से किसी के हाथ में नमक देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि अगर आप किसी के हाथ से अपने हाथ में नमक लेते हैं तो आप हमेशा के लिए उसके कर्जदार बन जाते हैं, वहीं नमक देने वाले के जीवन में भी आर्थिक परेशानियां आने लग जाती हैं।
इन चीजों के अलावा अपना रुमाल भी आपको कभी किसी के हाथ में नहीं देना चाहिए। रुमाल अगर आप किसी के हाथ में देते हैं तो इसका बुरा असर आपके आर्थिक पक्ष पर पड़ता है। इसकी वजह से आप कर्ज तले दब सकते हैं। इसके साथ ही पारिवारिक जीवन में भी आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
🔏 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हर दिन 4-5 काजू खाने से मर्दों की ताकत को बढ़ाया जा सकता है। इससे उनकी हेल्थ तेजी से बदलने लगती है। ये नट्स उन लोगों की किस्मत बदल सकता है जो आए दिन बीमारियों से जूझते रहते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि काजू खाने के दौरान एक गलती नहीं करनी चाहिए। इसके बारे में आर्टिकल के अंत में जानेंगे।वक्त से पहले मौतजवान पुरुषों की मौत के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट्स आदि से मृत्यु दर में इजाफा देखा जा रहा है। इनकी वजह से हार्ट अटैक, कैंसर, रेस्पिरेटरी डिजीज और डायबिटीज खतरनाक बन जाती है। काजू में अनसैचुरेटेड फैट होते हैं। रिसर्च में देखा गया कि जो लोग सैचुरेटेड और ट्रांस फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट लेते हैं, उनमें इन समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
🍷 आरोग्य संजीवनी 🍶
पपीता (Papaya)- शोधों के अनुसार पपीते की पत्ती डेंगु के उपचार में काफी हद तक फायदेमंद है। पपीते के पत्ते का अर्क हम दो तरीको से उपयोग में ल सकते हैं। पहला पत्तियों को अच्छे से धोकर इन्हें पानी में ताबा तक उबालें जब तक पानी आधा ना रह जाए, फिर इसे ठंडा कर इसका सेवन करें। दूसरा पपीते की पत्तियों को धोकर इन्हें कुचकर इनका रस निकाल कर इसका सीधे उपयोग करें। इसके अलावा पपीते का फल भी सेवन करें यह भी डेंगू के उपचार में लाभदायक है। क्योंकि पपीते की पत्तियों में एंटि-मलेरियल गुण मौजूद होता है जिसकी वजह से यह डेंगू के उपचार में भी बहुत प्रभावी है। शोधों के अनुसार पपीते के पत्ते के सेवन के 24 घंटे बाद से ही प्लेटलेट्स काउंटस बढ़ने लगते हैं और पपीते की पत्तियाँ ही डेंगू में अब तक सबसे प्रभावित अर्क साबित हुआ है, इसलिए अगर किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण पाये गए हों तो उसे भी यह अर्क दिया जा सकता है ताकि आगे लक्षण घातक साबित ना हो।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌹
मन की गुलामी” एक बार एक महात्मा बाजार से होकर गुजर रहा था। रास्ते में एक व्यक्ति खजूर बेच रहा था। उस महात्मा के मन में विचार आया कि खजूर लेनी चाहिए। उसने अपने मन को समझाया और वहाँ से चल दिए। किन्तु महात्मा पूरी रात भर सो नहीं पाया।
अगले दिन वह विवश होकर जंगल में गया और जितना बड़ा लकड़ी का गट्ठर उठा सकता था, उसने उठाया। उस महात्मा ने अपने मन से कहा कि यदि तुझे खजूर खानी है, तो यह बोझ उठाना ही पड़ेगा। महात्मा थोड़ी दूर ही चलता, फिर गिर जाता, फिर चलता और गिरता। उसमें एक गट्ठर उठाने की हिम्मत नहीं थी लेकिन उसने
लकड़ी के भारी भारी दो गट्ठर उठा रखे थे। दो ढाई मील की यात्रा पूरी करके वह शहर पहुँचा और उन लकड़ियों को बेचकर जो पैसे मिले उससे खजूर खरीदने के लिए जंगल में चल दिया। खजूर सामने देखकर महात्मा का मन बड़ा प्रसन्न हुआ।
महात्मा ने उन पैसों से खजूर खरीदें लेकिन महात्मा ने अपने मन से कहा कि आज तूने खजूर मांगी है, फिर तेरी कोई और इच्छा करेगी। कल अच्छे-अच्छे कपड़े और स्त्री मांगेगा अगर स्त्री आई तो बाल बच्चे भी होंगे। तब तो मैं पूरी तरह से तेरा गुलाम ही हो जाऊँगा। सामने से एक मुसाफिर आ रहा था। महात्मा ने उस मुसाफिर को बुलाकर सारी खजूर उस आदमी को दे दी।और खुद को मन का गुलाम बनने से बचा लिया। यदि मन का कहना नहीं मानोगे तो इस जीवन का लाभ उठाओगे यदि मन की सुनोगे तो मन के गुलाम बन जाओगे।
❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ हमारे वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। आज दत्तात्रेय भगवान जी की जन्म जयन्ती है। जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।

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