धार्मिक

दिगंबर जैन मंदिर बांदकपुर को पारस धाम घोषित

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जब कभी व्यक्ति अपनी जिंदगी के भविष्य के संबंध में सोचता है तो वह अपने आप को भयभीत महसूस करता है ऐसा क्यों होता है भविष्य का भाई हमारे लिए सबसे ज्यादा घातक होता है एक वर्तमान का भय होता है वर्तमान में जब व्यक्ति भयभीत होता है जब व्यक्ति गलत कर बैठता है जब गलत हो जाता है तो वह डर जाता है डरना बुरी चीज नहीं है डरना बहुत बड़ा धर्म है क्योंकि बिना डरे बिना मोक्ष मार्ग नहीं बनेगा बिना डरे बिना व्यक्ति अपने जीवन का सुधार नहीं कर सकता और व्यक्ति को डर लग रहा है तो वह निश्चित हो गया है कि वह इतना ज्ञानी तो हो गया कि मेरे से कुछ गलत हो गया है इतना ज्ञानी जो होता है हुआ है मिथ्या दृष्टि है संसारी भाली है लेकिन उसका बहुत जल्द कल्याण होगा तो हमारे लिए प्रारंभ देखना है कि तुम पाप करते हो कि नहीं करते हो यह नहीं पूछ रहा हूं तुम पास छोड़ो कि नहीं छोड़ो यह नहीं पूछ रहा हूं कि तुम्हें पाप करने के बाद डर लगता है कि नहीं लगता क्या चोरी करने के बाद डर लगता है क्या यदि लगता है तो तुम्हारे लिए कल्याण का रास्ता है तो तुम्हारा कल्याण हो जाएगा यह उद्गार बांदकपुर में विराजमान पूज्य निर्यापक मुनि पुगंव108 सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त किये। आज बांदकपुर दिगंबर जैन मंदिर को नया नाम मिला मुनि श्री ने दिगंबर जैन मंदिर बांदकपुर को पारस धाम घोषित किया इससे पहले सुबह मुनिश्री के मुखारविंद से अभिषेक व शांति धारा का पुण्य बांदकपुर वासियों को मिला परस धाम में नए जिन मंदिर का शिलान्यास भी मुनिश्री के आशीर्वाद व सानिध्य में शुरू हुआ प्रतिष्ठा आचार्य प्रदीप भैया अशोक नगर वालों ने अपनी मार्गदर्शन में मंदिर शिलान्यास का कार्यक्रम किया अपनी चंचल लक्ष्मी का सदुपयोग कर संजय जैन अरिहंत दमोह वाले सुनील डबुल्या अध्यक्ष जैन समाज बांदकपुर ब्रह्मचारी नितिन भैया वाले बांदकपुर सहित समाज के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर अपना आर्थिक सहयोग देकर मंदिर निर्माण में सहभागिता ने निभाई।

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