बच्चो की पहली गुरु मां है, बालक बालिकाओं को निडर बनाएं : ब्रह्मचारी जी महाराज
आज भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा श्रवण कराई
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । सिलवानी अंचल के ग्राम नीगरी में चल रही श्री मदभगवत कथा के चतुर्थ दिवस ब्रह्मचारी जी महाराज ने कहा कि मां सबसे पहले बच्चो की गुरु होती है। मां का कर्तव्य है बच्चो को संस्कारित बनाएं, यदि मां चाहे तो बेटे की वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप बना सकती है। बस संस्कार दे वैसे, बच्चो को सही सीख दे, मां पिता को ध्यान देना चाहिए बच्चो को कभी असत्य जवाब नही देना चाइए यदि किसी प्रश्न की जानकारी न हो तो दूसरे से सत्य जानकारी लेकर बच्चो को दें, बच्चो को निडर बनाएं, जब बचपन से ही बच्चे निडर रहेंगे तो देश और राष्ट्र के लिए काम आयेंगे, बच्चे तो एक कच्चे मटके के समान होते है। मां जैसा चाहे बच्चो को ढाल देगी, और हर मां का कर्तव्य है कि बच्चे को वीर शिवाजी, और महाराणा प्रताप बनाए, उन्हे संस्कारीत करें,
श्री रामायण पाठ से लौकिक और परलोक तक का मानव का जीवन सुधार जाएगा।
हर घर नियम बनाए की घर में श्री रामायण पाठ करें, और बच्चो को कराएं, और घर परिवार के साथ बैठ कर पाठ का श्रवण करे, ब्रह्मचारी जी महाराज ने कहा कि हे जीव मान जाओ, जो शरीर मिला है मानव जीवन मिला है इसे सुधार लो, नही तो इतने जन्म से भटक रहे हो, फिर भटकोगे, जब शरीर छूटेगा और भगवान धाम कैसे जाओगे, जब धर्म कर्म परोपकार भगवान की भक्ति नही करोगे फिर हाथ में कुछ नही रहेगा जो है इस धराधाम के पुण्य है पूंजी है जीव की यही पूंजी परलोक तक साथ जाएगी, जिस का जीवन सुधर गया उसका परलोक सुधर जायेगा, और परलोक सुधर गया तो जीवन मरण से छुटकारा प्राप्त हो जायेगा।



