मध्य प्रदेश

एकीकृत माध्यमिक शाला झारोली मे साढ़े ग्यारह बजे के बाद पहुचे शिक्षक

प्राचार्य बोली जरुरी कार्य निपटा रहे थे शिक्षक
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा । मध्य प्रदेश सरकार का इस वर्ष का शिक्षण सत्र लगभग आधा बीत चुका है और तेंदूखेड़ा जनपद के अंतर्गत आने वाले अधिकतर स्कूलों में शिक्षकों के शाला में आने जाने का नियम बना नहीं पाया है शिक्षकों की लेट लतीफी अभी भी जारी है जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है क्योंकि जब शिक्षक लेट आएंगे तो बच्चों के पढ़ाई का समय ही खराब होता है ना कि शिक्षक का समय खराब होता है जिला स्तर ब्लॉक स्तर पर बैठे अधिकारी कभी भी स्कूल को चेक करते हुए नहीं दिखाई गए हैं जिससे शिक्षकों द्वारा अपनी ड्यूटी ईमानदारी से नहीं की जाती है जिससे बच्चों को बहुत परेशानी होती है… जो बच्चे माध्यमिक शाला और प्राथमिक शाला में पढ़ते हैं उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा प्राथमिक शिक्षा दी जाती है जिससे भविष्य में आने वाली बड़ी क्लासों में पढ़ने के लिए भी तैयार होते हैं मगर इन्हीं कक्षाओं में पढ़ रहे शिक्षकों द्वारा लापरवाही की जाती है उन्हें पूरे समय पढ़ाई नहीं कराई जाती है जिससे बच्चे भी खेलते कुदते रहते हैं और घर चले जाते हैं। ऐसी ही लापरवाही का मामला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जरौली की एकीकृत माध्यमिक शाला में देखने को मिला है जहां आज 11:30 के बाद शिक्षक शाला में पहुंचे यह एकीकृत माध्यमिक शाला है जिसमें से आधा स्कूल कहीं और लगता है और आधा स्कूल कहीं और लगता है दोनों स्कूलों के बीच में करीब 300 मी का फासला है ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए अतिरिक्त कक्ष में प्राथमिक शाला लगती है साथ ही इसी में साल का एक कार्यालय भी बनाया गया है और माध्यमिक शाला पूर्व में बनी शाला भवन में ही लगता है जहां पर आज शिक्षक 11:30 के बाद ही स्कूल में पहुंचे हैं बाहर खेलते मिले बच्चो ने बताया की स्कुल मे 5 शिक्षक है जो 11 बजे के बाद आते है। आज बच्चो ने बिना शिक्षक के ही प्रार्थना की ओर स्वयं झाड़ू लगाकर स्कुल की सफाई की। स्थानीय लोगो ने बताया की यहा के शिक्षकों का ऐसा ही हाल है यहा पर शिक्षक लेट लतीफ ही आते है। इस तरह इस ग्राम के बच्चो का शेक्षणिक स्तर काफी नीचे है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद जब आज हमारी टीम ने स्कूल में पहुंचकर अलग-अलग टाइम में देखा तो कई सारी कमियां मिलीं। सुबह पौने ग्यारह बजे कोई शिक्षक नहीं आया था, सिर्फ बच्चे ही स्कुल मे खेल रहे थे सुबह 11 बजकर 45 मिनिट पर शिक्षक माध्यमिक शाला मे आये थे, वही ज़ब 12 बजे प्राथमिक स्कुल मे देखा तो वहा एक शिक्षक एवं एक शिक्षिका पड़ा रही थी ओर प्रभारी प्राचार्य रितु नामदेव 12 बजे तक शाला मे मौजूद नहीं थी। मौजूद शिक्षक शर्मा ने बताया की प्राचार्य संकुल के स्कूलों मे गयीं होगी। वही प्राचार्य रितु नामदेव से वात की तो उन्होने बताया की वे सारे शिक्षक आफिस मे बैठ कर आफिस का जरुरी कार्य निपटा रहे थे।

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