मध्य प्रदेश

CM Rise School के शिक्षक नौकरी से बर्खास्त : तीसरा बच्चा होने की शिकायत पर कार्यवाही

शिक्षक बोला- गोद दे चुका हूं। पड़ोसी ने रंजिश के चलते शिकायत की है।

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड में एक तीन बच्चों वाले एक शिक्षक को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक की नौकरी हासिल करते हुए उन्होंने सरकारी नियम की अनदेखी की तीन बच्चे होने की बात छिपाई थी । शिक्षक की शिकायत मिलने के बाद जांच की गई और दोषी पाए जाने पर 2 अगस्त को उन्हें सेवा से बर्खास्त किए जाने का आदेश जारी किया गया। पड़ोसी की शिकायत पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कार्यवाही की है।
बर्खास्त शिक्षक गणेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि वे अपने तीसरे बच्चे को गोद दे चुके हैं। इसके डॉक्यूमेंट्स भी उनके पास हैं। पड़ोसी उनसे रंजिश रखता है, इसी कारण उसने ऐसी शिकायत की। वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
गणेश प्रसाद शर्मा की 8 साल की बेटी, 7 साल का बेटा और तीसरी बेटी डेढ़ साल की है। इसी साल मार्च में उनकी जॉइनिंग हुई थी।
बर्खास्त शिक्षक बोले- पड़ोसी से मेरा परिवार असुरक्षित
मेरे पास दो ही बच्चे हैं। सबसे छोटी बच्ची के पैदा होते ही मेरे साढ़ू ने गोद ले ली थी। इस बात के दस्तावेज भी हमने तैयार कराए हैं। मेरे पड़ोसी ने जबरन शिकायत की है। मेरी शिकायत रंजिशन की गई है। मैं कानूनी लड़ाई लड़ लूंगा।
मेरे और मेरे परिवार के पीछे पड़ोसी लगा हुआ है। उसकी गलत हरकतों पर मैंने आपत्ति दर्ज कराई थी। वह अपने गेट पर खड़े होकर गंदी हरकतें करता है। बेटी डेढ़ साल से बाहर नहीं खेल पा रही। वह जान से मारने की धमकी देता है। इस वजह से मुझे CCTV कैमरे भी लगवाने पड़ें हैं। पड़ोसी की हरकतों के VIDEO मेरे पास हैं। पुलिस में उसकी गंदी हरकतों की शिकायत उसके अश्लील VIDEO दिखाकर करूंगा।
5 महीने पहले ही हुई जॉइनिंग
भिंड की मीरा कॉलोनी में रहने वाले गणेश प्रसाद शर्मा अमायन संकुल स्थित CM Rise School में अंग्रेजी के शिक्षक थे। उनकी जॉइनिंग 30 मार्च 2023 को हुई थी। उन्होंने डॉक्यूमेंट्स में दो बच्चे होने की जानकारी दी। पड़ोसी ने तीन बच्चे होने की शिकायत कर दी।
एमपी में 2001 से टू चाइल्ड पॉलिसी लागू
टू चाइल्ड पॉलिसी के कानून के मुताबिक, कोई भी कर्मचारी तीन संतान होने पर सरकारी नौकरी नहीं कर सकता। इस कानून के तहत शिक्षक पर लगाए गए आरोप सिद्ध होने पर लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर के संयुक्त संचालक दीपक कुमार पांडे ने आदेश जारी कर गणेश प्रसाद शर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया।
मध्यप्रदेश में 2001 से टू चाइल्ड पॉलिसी लागू है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत अगर तीसरा बच्चा 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मा है, तो उसके माता/पिता को सरकारी नौकरी का पात्र नहीं माना जाएगा। यह नियम उच्च न्यायिक सेवाओं पर भी लागू होता है। साल 2005 तक स्थानीय निकाय चुनावों के उम्मीदवारों के लिए दो बच्चों के मानदंड का भी पालन किया गया, लेकिन सरकार ने आपत्तियों के बाद इसे बंद कर दिया। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि ऐसा नियम विधानसभा और संसदीय चुनावों में लागू नहीं है।
हाईकोर्ट ही निर्णय कर सकता है
तीसरी बच्ची गोद देने के मामले में संयुक्त संचालक शिक्षण विभाग दीपक पांडेय का कहना है कि हाईकोर्ट ही इस मामले में कोई निर्णय कर सकता है।

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