मध्य प्रदेश

परीक्षा के दौरान प्रिंसिपल सहित स्टाफ नदारत, एक कंप्यूटर ऑपरेटर बच्चों से पेपर दिला रहा है

रायसेन । मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए जहां सरकार रात दिन एक प्रयास कर रही है वहीं उनके जिम्मेदार अधिकारी सरकार की योजनाओं पर कैसे पलीता लगा रहे हैं इसकी बानगी रायसेन के बेगमगंज के शासकीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय में देखने को मिली जहां परीक्षा के दौरान प्रिंसिपल सहित एक स्टाफ का एक भी सदस्य मौजूद नहीं मिला, वही प्रिंसिपल कल्पना जाम्बुलकर और उनके स्टाफ रूम में ताला लगा मिला।
मध्य प्रदेश सरकार जहां बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए रात दिन प्रयास कर रही है वहीं सरकार की योजनाओं पर उनके जिम्मेदार अधिकारी कैसे पलीता लगा रहे हैं यह हम आपको दिखाते हैं दरअसल यह पूरा मामला रायसेन जिले के बेगमगंज के शासकीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय का है जहां राजा भोज विश्वविद्यालय की परीक्षा आयोजित की जा रही हैं, लेकिन आलम यह है कि परीक्षा के दौरान कालेज में ना तो प्रिंसिपल कल्पना जाम्बुलकर और न ही उनके स्टाफ का एक भी प्रोफेसर कॉलेज में मौजूद मिले। लापरवाही का आलम यह देखिए कि एक कंप्यूटर ऑपरेटर बच्चों से पेपर दिला रहा है और जब इस घटना के बारे में प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल बंद मिला, बाद में प्रिंसिपल अपनी सफाई पेश करती नजर आई लेकिन आपको बता दें की प्रिंसिपल और पूरा स्टाफ ही परीक्षाओं के दौरान अनुपस्थित रहा लेकिन जब मीडिया कॉलेज पहुंची तो मीडिया के आने की खबर लगने के बाद आनन-फानन में कॉलेज पहुंची प्रभारी प्राचार्य कल्पना जाम्बुलकर अपनी गलती को ढकने के लिए बहाने बनाते नजर आईं लेकिन आपको बता दें कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करती प्राचार्य अपनी गलती मानने की जगह बैंक में काम होने की बात करती नजर आई तो क्या बैंक के काम बच्चों की परीक्षा से ज्यादा जरूरी है। बहीं इस मामले में कलेक्टर अरविंद दुबे ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम अभिषेक चौरसिया को जांच के आदेश दिए है और उचित कार्रवाई करने की बात कही है। कालेज की छात्राओं से जब इस बारे में बात की तो उनका कहना था कि प्रिंसिपल हो या स्टाफ कभी भी 12 बजे से पहले कॉलेज नहीं आते हैं।

Related Articles

Back to top button