मध्य प्रदेश

रजक समाज ने मनाई संत गाडगे जयंती निकाली शोभायात्रा

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । रजक समाज के द्वारा संत गाडगे जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई नगर के दशहरा मैदान में रजक समाज के आराध्य संत गाडगे महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया तत्पश्चात शोभायात्रा गाजे बाजों के साथ निकाली गई जिसमें 3 रथो पर झांकियां सजाई गई थी जिसमें कन्याओं द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी गई जिन्हें लोगों द्वारा सराहा गया।
शोभा यात्रा दशहरा मैदान से शुरू होकर नया बस स्टैंड, गर्ल्स स्कूल रोड, गांधी बाजार, शिवालय चौक, पुराना बस स्टैंड से वापस होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची जहां पर समाज के प्रमुख जनों द्वारा सामूहिक रूप संत गाडगे जी महाराज के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में समाज के प्रमुख जनों का तिलक व फूलमालाओं से स्वागत किया गया। समाज अध्यक्ष राहुल रजक, पार्षद गुलाब रजक, मदन लाल रजक द्वारा अपने अपने उद्बोधन मैं संत गाडगे जी के जीवन का परिचय कराते हैं कहा कि सामाजिक समरसता के द्योतक यदि किसी को माना जाए तो वे थे संत गाडगे महाराज. आधुनिक भारत के वीरों, संत, महात्माओं, समाज सुधारकों और महापुरुषों पर गर्व होना चाहिए, उनमें से एक राष्ट्रीय संत गाडगे बाबा है। वे कहते थे कि शिक्षा बड़ी चीज है. संत गाडगे महाराज ने अंधविश्वास से बर्बाद हुए समाज को सार्वजनिक शिक्षा और ज्ञान प्रदान किया। संत गाडगे महाराज का कहना था कि पैसे की तंगी हो तो खाने के बर्तन बेच दो, औरत के लिए कपड़े खरीदो, टूटे-फूटे मकान में रहो पर बच्चों को शिक्षा दिए बिना न रहो। उन्होंने अपने जीवन में शिक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया, उन्होंने सभी को पढाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। ऐसे ज्ञानदीपी बाबा गाडगे का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अंजनगांव सुरजी तालुका के शेड्गाओ ग्राम में एक रजक परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम डेबूजी झिंगराजी जानोरकर था. वह एक घूमते फिरते सामाजिक शिक्षक थे। गाडगेबाबा सिर पर मिट्टी का कटोरा ढककर और पैरों में फटी हुई चप्पल पहनकर पैदल ही यात्रा किया करते थे यही उनकी पहचान थी। गाडगे बाबा स्वैच्छिक गरीबी में रहते थे और अपने समय के दौरान सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने और विशेष रूप से स्वच्छता से संबंधित सुधारों की शुरुआत करने वालो मैं उनका नाम लिया जाता है । आज समाज को उनके बताए हुए तरीकों पर चलने की जरूरत है।
कार्यक्रम में विशेष रूप से बाबू लाल रजक, मदनलाल रजक, पार्षद गुलाब रजक, मुकेश रजक, शंकर रजक, बालकिशन, प्रकाश रजक, उमेश रजक , सुरेश रजक सहित अनेक गणमान्य समाज बंधु उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में आभार समाज अध्यक्ष राहुल रजक द्वारा व्यक्त किया गया।

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