पहाड़ी की गोद से बहने लगे खूबसूरत झरने
सिलवानी। बारिश के साथ ही नगर की पहचान खूबसूरत झरने चारों तरफ दिखाई देने लगे हैं। घोघरा के साथ-साथ जोगनखोह, मृंगनाथ पानी के झरनों के खास केंद्र है। रोज बड़ी संख्या में लोग पहाड़ियों की सैर करने और झरनों में नहाने के लिए जा रहे हैं। इनमें बाहर से आने वाले लोग भी शामिल हैं।
पहल से बन सकता है घोघरा शानदार पर्यटन स्थल
विकासखंड के अंतर्गत आने वाले घोघरा प्रकृति का अनुपम उपहार है। चट्टानों एवं विशाल पत्थरों के बीच से बहती नदी की कलकल धाराएं, हरियाली से आच्छादित क्षेत्र एवं शांत वातावरण तथा जलप्रपात यहां की सुंदरता को बढ़ाता है। लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते यह स्थल तमाम खूबियों के बावजूद वह स्थान हासिल नहीं कर सका जिसका यह हकदार है। यदि शासन प्रशासन थोड़ा ध्यान देकर यहां सुविधाएं विकसित करें तो यह तहसील का शानदार पर्यटन स्थल बन सकता है। घोघरा जलप्रपात जाने वाले मार्ग की हालत दयनीय है। मार्ग पक्का न होने की वजह से यहां से आवागमन मुश्किल है। सड़क अत्यंत खराब है जिसमें सुधार कराने ग्रामीण शासन से मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग निर्माण की मांग शासन से वर्षों से की जा रही है घोघरा जलप्रपात को देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं, लेकिन शासन की उपेक्षा से घोघरा जलप्रपात का विकास नहीं हो पा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को यहां समुचित कार्य कराने कार्रवाई करना चाहिए।



