मध्य प्रदेश

पानी की समस्या परेषान ग्रामीणों ने दिया तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

आजादी के बाद से ही बूंद बूंद पानी को भटक रहे ग्रामीण, मूलभूत सुविधाओं का अभाव
आदिवासी बाहुल्य जूनापुरा टोला का मामला

सिलवानी
आदिवासी बाहुल्य विकासखंड सिलवानी की ग्राम पंचायत फुलमार के ग्राम जूनापुरा टोला में देष की आजादी के बाद से आज तक लोगों को मूलभूत सुविधायें नहीं मिल पाई है। इस टोले के ग्रामीण आज भी कुईआ से पीने का पानी भरने का मजबूर है। इस टोले में 40 मकान है और लगभग 150 से अधिक निवास करते है। वही ग्राम जूनापुरा में 80 मकान और लगभग 400 लोग निवास करते है और 200 मतदाता वाले इस क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या है। वही षौचालय भी नहीं बने है। ग्रामीण आज भी खुले में षौच करने मजबूर है। बुधवार को ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त तहसीलदार बृजेषसिंह को कलेक्टर रायसेन के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जूनापुरा एवं जूनापुरा टोला गांव के बाषिंदे बूंद बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं अपना काम काज छोड़ कर पानी के लिए जददो जहद कर रहे है। जूनापुरा टोला के लोग एक मात्र कुईआ से पानी भरने मजबूर है। इस कुईआ का निर्माण ग्रामीणों ने स्वयं ही मेहनत कर लगभग 15 फिट खुदाई करके पीने के लिए पानी निकाला है। इस कुईआ में कई बार जंगली जानवर, पषु गिरकर मर जाते है तो ग्रामीण ही इसकी थोड़ी बहुत सफाई कर प्रदूषित पानी पीने मजबूर है। वही बरसात में पानी गंदा हो जाता है तो ग्रामीण छानकर ही पीला पानी पीना पड़ता है।
एक ओर प्रशासन द्वारा विकासखंड सिलवानी को खुले में षौच से मुक्त ओडीएफ की गई है। वही हकीकत कुछ और है। जूनापुरा एवं जूनापुरा टोला में आज तक एक भी षौचालय का निर्माण ही नहीं किया गया। ग्रामीण आज भी खुले में शौच जाने मजबूर है। ग्राम के 40 से 50 बच्चे हाईसकूल की षिक्षा के लिए छींद एवं बीकलपुर जाते है।
ग्रामीणों ने बताया पानी के लिए कई बार क्षेत्रीय सांसद, विधायक, मंत्री से लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को आवेदन दिये गये परंतु किसी ने भी इस समस्या को हल करने का प्रयास तक नहीं किया है। जिससे ग्रामीणो में काफी नाराजगी है। परेषान नागरिकों ने ज्ञापन में पीने के लिये पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सोंपने वालों में लखनसिंह, अर्जुन, रूपसिंह, तुलसी, शंकरलाल, हरिसिंह, रामप्रसाद आदि प्रमुख है।

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