पुलिस हेड कांस्टेबल के सरकारी आवास से जुआं के बाद 4 किलो गांजा और 200 गड्डी ताश जब्त, गिरफ्तार कर भेजा जेल

पुलिस अधीक्षक की बड़ी कार्यवाही
पुलिस लाइन में अपने आवंटित आवास में चल रहा था गैरकानूनी काम
बरेली थाने में पदस्थ है तीनो आरोपी पुलिस कर्मी
बरेली । रायसेन जिले के बरेली में शनिवार की रात्रि में पहले थाना परिसर के पास ही स्थित प्रधान आरक्षक के निवास पर बड़ा जुआ पकड़ा गया था। इस जुए में 5 लाख 90 हजार रुपए जब्त कर 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर के थाना परिसर में स्थित सरकारी आवास पर तलाशी ली गई तो ताश की 200 गड्डी और 4 किलो गांजा भी जब्त किया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी प्रधान आरक्षक अपने दो सहयोगी आरक्षकों मनोज रजक और प्रीतम राजपूत के साथ इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियो में संलग्न था और बर्दी की आड़ में गैर कानूनी काम करता था। इसके बाद प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर, आरक्षक प्रीतम राजपूत और आरक्षक मनोज रजक पर एनडीपीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें से एक आरोपी आरक्षक प्रीतम राजपूत मौके से फरार हो गया। प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर और आरक्षक मनोज रजक को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शाहवाल ने प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर को निलंबित भी कर दिया है। खास बात यह है कि घटना के समय प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर थाने में ड्यूटी कर रहा था।
बाहर से लगा देते थे ताला, अंदर चलता था जुआ
शनिवार शाम एसडीओपी राजीव जंगले प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर के सरकारी आवास पर पहुंचे तो बाहर से ताला लगा हुआ था और अंदर से लोगों की आवाज आ रही थी। एसडीओपी ने थाना प्रभारी आशीष सप्रे सहित पुलिस स्टाफ को मौके पर बुलाकर कार्रवाई की। प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर अपने आवास पर बाहर से ताला लगा देता था। जुआं खेलने वाले लोग सरकारी आवास में पीछे से आना-जाना करते थे। जुए का यह अड्डा थाना प्रभारी के सरकारी आवास से महज 25 मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां और भी पुलिस क्वार्टर हैं। इसके बावजूद जुआ चलता रहा।



