मध्य प्रदेश

प्राथमिक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही से गरीबों के बच्चें शिक्षा से बंचित

विकास देश या प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब गरीबों को शिक्षा मिलेगी
स्कूल चलो अभियान निकला ढपोरशंख, ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण कालिक शिक्षक शिक्षिकाएँ नहीं जाती स्कूल

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार हर शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले खोखला स्कूल चलो अभियान चलाकर प्रदेश की जनता की भावनाओं से खुला खिलबाड़ करती हैं नतीजतन मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश ने 286 प्राथमिक और मध्यामिक विद्यालयों को गैर-अधिसूचित कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अब इन स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा, इनमें 228 प्राइमरी और माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं.
बाड़ी विकास खंड के हाल बहुत ही बदत्तर स्थिति में
कहने को तो बाड़ी विकास खंड में सर्व शिक्षा अभियान का मुख्य कार्यालय मौजूद हैं और सरकार ने शिक्षकों की हाजिरी अनिवार्य रूप से हो सके इसके लिए मोबाइल एप्प और टेबलेट देकर उनकी जिम्मेदारी तय की , लेकिन नियम बनने के साथ ही उनका तोड़ भी निकाल लिया जाता हैं । मध्यप्रदेश सरकार में शिक्षा को लेकर बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए सारी व्यवस्थाएं की गई है, जो महज कागजों में ही चल रही हैं बाड़ी विकासखंड के अंतर्गत उदयपुरा विधानसभा के ग्राम विक्रम मढैया के प्राथमिक शाला में लगे रहते हैं ताले 35 छात्र छात्राएं स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए शिक्षकों का करते इंतजार करके घर चले जाते हैं ।
इस प्राथमिक शाला में दो शिक्षक हैं जो की कभी भी समय पर नहीं आते जब मर्जी हो तभी आते हैं । ग्राम वासियों से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि महीने में दो-चार दिन ही स्कूल खुलता है बाकी दिन स्कूल में डले रहते ताले।
आँगनवाड़ी केन्द्र के भी बुरे हाल ।
गरीब बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक और उन्हें लुभाने के लिए केन्द्रीय सरकार की आँगनवाड़ी केन्द्र भी जिम्मेदार लोगों के लिए पोषित करने का ससख्त माध्यम बन गया । स्कूल में शोचालय और हेड़पंप लगा हैं लेकिन बह भी मृत हालत में बच्चियों के लिए लघुशंका के लिए भटकना पड़ता हैं ।
इसलिए मध्यप्रदेश में शिक्षा के हाल भयावह नजर आते हैं।
जब बीआरसी आरसी राजपूत से इस व्यवस्था से अबगत कराया तो उन्होंने कहा कि में तत्काल ही दिखवाता हूँ ।

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