बंदरो के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने की सीएम हेल्पलाइन सहित प्रशासन को शिकायत, कलेक्टर के निर्देश पर वन विभाग की टीम पहुंची खंडेरा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । तहसील रायसेन के खंडेरा गांव में लाल और काले मुंह के बंदरों से ग्रामीण दहशत में है। पिछले कई महीनों से इन बंदरों के उत्पात उनके द्वारा घरों में कर रहे तोड़फोड़ व जानलेवा हमले से ग्रामीण दहशत में और बेहद परेशान हैं। अचानक बंदरों का झुंड खंडेरा गांव के कच्चे घरों पर धावा बोल देता है । वहां बच्चों और महिलाओं पर कई बार अपने नुकीले दांतों और नाखूनों से हमला कर देते है । इन बंदरों के डर के कारण बच्चे दहशत में हैं । साथ ही महिलाएं और ग्रामीण परेशान हैं । अब तक कई घरों को नुकसान पहुंचा चुके हैं । बंदरों के बढ़ते आतंक से तंग आकर खंडेरा गांव निवासी रवि दुबे ने सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर अरविंद दुबे, डीएफओ रायसेन अजय कुमार पांडे को शिकायत की । शिकायत के बाद अमले में शामिल पूर्वी वनरेंज के रेंजर एसएस राजपूत के नेतृत्व में फारेस्ट गार्ड रितेश यादव, डिप्टी प्रभात यादव मनीष छारी खण्डेरा गांव पहुंचे। वहां बंदरों के झुंड को भगाने के लिए पटाखे फोड़कर जंगल की तरफ खदेड़ा गया ।जिससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली । युवा रवि दुबे का कहना है कि तत्कालीन कलेक्टर मोहनलाल मीणा की तरह वर्तमान कलेक्टरअरविंद दुबे को भी मथुरा की बंदर पकड़ो टीम को बुलाना चाहिए। बन्दरों को पिंजरों में पकड़कर वन क्षेत्रों में छोड़ा जाए। ताकि लोगों की राहत मिल सके और बंदरों के आतंक से निजात मिल सके ।उनका यह भी कहना है कि हमने सीएम हेल्पलाइन सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया । लेकिन कभी सुनवाई नहीं हुई । तभी मंगलवार को जनता दरबार में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्टर अरविंद को आवेदन दिया।तभी वन विभाग की टीम नींद से जागी और लाल काले मुंह के बंदरों को खण्डेरा गांव से भगाने की योजना को अंजाम दिया।



