बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ाई, शहर में 2 -3 रोज सुबह से छाया जाता है कोहरा, सर्द हवाओं ने लोगों का कंपकँपाया कलेजा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । दिसम्बर माह का अंतिम सप्ताह चल रहा है और 2022 साल विदाई की ओर है। ऐसे में अब रायसेन जिले में तेज ठंड का आगमन पिछले तीन चार रोज से हो गया है। अचानक आई बर्फीली हवाओं ने यहां ठंड में बढ़ोतरी कर दी है ।अलसुबह के साथ-साथ रात में भी कोहरा छाया रहता है । जिससे विजिबिलिटी काफी कमी भी देखी जा रही।
मौसम विभाग रायसेन से मिली
जानकारी के अनुसार मौसम का मिजाज अचानक बदला है ।एक दो रोज जे आसमान पर हल्के भूरे रंग के
बादल छाए रहे। लेकिन बुधवार को सुबह जरूर धूप खिल उठी।जिससे लोग मकानों की छत मुंडेरों पर धूप सेंकते नजर आए। वहीं ठंडी तेज हवाएं भी चलती रहीं। आम तौर पर देखा जाता है कि जब आसमान पर बादल छा जाते हैं तो तापमान में बढ़ोतरी होती है। लेकिन आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपकपा दिया।
गर्म कपड़ों से ढंके नजर आए लोग…
देखा गया कि रात में और सुबह लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है और गर्म कपड़ों के साथ-साथ ठंडी हवाओं के कारण लोगों को मफरल टोपी भी बांधने को मजबूर होना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि आगामी दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी, जिससे ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा।
वर्तमान मौसम में बदलाव को दृष्टिगत व मौसम में परिवर्तन तथा परिस्थिति को देखते हुए किसान भाइयों को सलाह दी जा रही है कि शीतलहर व तुफान के कारण पाले तथा पानी की संभावना वाले मौसम में शीतलहर के प्रति अति संवेदनशील फसलें जैसे सब्जी भाजी एवं चना, सरसों, टमाटर आदि फसलें के चारों ओर शाम के समय खेत के उत्तर पश्चिम दिशा में दुआ करें सिंचाई की उपयोगिता होने पर खेतों में हल्की सिंचाई करें।
कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ स्वप्निल दुबे ने बताया कि पाला पडऩे की संभावना पर फसलों हल्की सिंचाई करें और सल्फर 80 प्रतिशत, 500 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
इसके साथ-साथ खेतों से खरपतवार होने पर निदाई गुड़ाई करवाएं जिससे खेत में वायु व प्रकाश पर्याप्त रूप से फसल को प्राप्त होती रहे और मौसम की विपरीत दिशाओं से फसल को सुरक्षा प्राप्त हो सके ।



