बाल विवाह में शामिल व्यक्ति को भी होगी दो साल की सजा

बाल विवाह रोकथाम अभियान की बैठक एसडीएम की उपस्थिति में संपन्न
बेगमगंज । कम आयु में होने वाले विवाह से शारीरिक एवं मानसिक रूप से लड़कियों पर होने वाले दुष्प्रभाव से उन्हें बचने के उद्देश्य से भारत में बाल विवाह जैसी कुप्रथा रोकने के लिए कानून है। जिसमें बाल विवाह करने वाले माता-पिता एवं सहयोगियों के लिए अपराध बताते हुए इसे गैरजमानती रखा गया है। इस अपराध में 2 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख के जुर्माने की सजा का प्रावधान है। सजा से बचने के लिए युवक- युवती के माता-पिता, रिश्तेदार एवं पंडितों व काजी, मैरिज गार्डन संचालक व डीजे, बैंड बाजे वाले सतर्क हो जाएं। यदि वो ऐसी शादी शामिल होंगे तो उन पर भी अपराध दर्ज होगा। यह बात एसडीएम सौरभ मिश्रा ने बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत बैठक में कही। बैठक में मौजूद तहसील के पंडितों, काजियों, समाजसेवियों एवं गार्डन संचालकों डीजे, बैंड बाजे वालों को सचेत के करते हुए बाल विवाह रोकने में सभी प का सहयोग मांगा।
बैठक में गांव-गांव ग्राम पंचायतों, चौकीदारों के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में डोंडी पिटवाकर, अलाउंसमेंट के माध्यम से जागरुकता फैलाने के साथ सभी धर्म गुरुओं को इसमें शामिल करने की बात कही।
बैठक में बेगमगंज तहसीलदार एसआर देशमुख, महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी रामकुमार सोनी, पंडित लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी, पंडित अरविंद चतुर्वेदी, पंडित नंदकिशोर देवलिया, पंडित रामशरण, शहर काजी मुफ्ती असालत, काजी अकील आदि मौजूद थे।



