बिना सुरक्षा उपकरण के चल रहा टंकी निर्माण कार्य

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । केंद्र की मोदी सरकार गांव गांव तक पेयजल मुहैया करवाने संकल्पित है। तो वहीं जिला प्रशासन भी जल जीवन मिशन योजना को लेकर गंभीर है। कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार निर्देश भी दिए जा रहे है। बावजूद इसके जिले में शासन की जल जीवन मिशन योजना के काम में गुणवत्ता व पारदर्शिता की कमी देखी जा रही है। मनचाहे लोग अपने परंपरागत काम छोड़कर जल जीवन मिशन का ठेकेदार बनकर कार्य करने में लगे हुए है। हालात यह है कि ज्यादातर काम पेटी कांट्रेक्टर के पास है। जबकि पेटी कांट्रेक्टर, मुख्य कांट्रेक्टर व अपनी मार्जिन निकालने के बाद बचत रकम से गुणवत्ताहीन कार्य करने में लगे हुए हैं। एक ऐसा ही मामला कटनी जिले के ग्राम पिपरिया सहलावन तथा बरेली पंचायत का है, जहां कहीं पाइपलाइन डालने गहराई कम खोदकर खोदाई का खर्चा बचाया जा रहा है। 40 से 50 फीट की ऊंचाई में काम कर रहे मजदूरों को किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण नहीं दिया गया है । गम बूट, हेमलेट, सेफ्टी बेल्ट कुछ भी नहीं है।
ग्राम बारगांव में मजदूर टंकी पर बिना सुरक्षा उपकरण कार्य कर रहे हैं । का के दौरान गाँव में खुदाई भी की जा रही है ऐसे में सड़कें खराब हो रही हैं । इन सड़कों की मरम्मत कार्य समय पर नहीं कराई जा रही । नल कनेक्शन के दौरान निम्न दर्जे का प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। विभाग को कार्य में पारदर्शिता लाने निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाना अनिवार्य है । बारगांव तथा बरेली गांव में जल जीवन मिशन का काम जारी है । लेकिन कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं है । बताया गया है कि निर्माण कार्यो की पोल न खुल जाए। ग्रामीण तथ्यों को न जान जाए, इसलिए सूचना पटल नहीं लगाया जा रहा है। बारगांव में सब स्टैंडर्ड वर्क या निर्धारित मानदंडों से कम गुणवत्ता के कार्य को बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है ।



