भगवान कृष्ण बचपन से ही नटखट थे : पंडित आशीष मिश्रा
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
पथरिया । दमोह जिले के पथरिया तहसील के ग्राम खजरी रमपुरा गांव में विश्वकर्मा परिवार में चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन कथा का बर्णन करते हुए पंडित श्री आशीष मिश्रा जी ने कथा में कहा श्रीकृष्ण माखन लेकर बाहर आ जाते और सभी मित्रों के साथ बांटकर खाते थे। भगवान बोले जिसके यहां चोरी की हो उसके द्वार पर बैठकर माखन खाने में आनंद आता है।माखन चोरी की लीला का बखान करते हुए उन्होंने भगवान कृष्ण के बाल रूप का सुंदर प्रकार से वर्णन किया। पंडित श्री आशीष मिश्रा जी ने बताया कि भगवान कृष्ण बचपन में नटखट थे।शुक्रवार के दिन भागवत कथा में बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अपनी लीलाओं से सभी का मन मोह लेते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थीं। मां उन्हें कहती थीं कि प्रतिदिन तुम माखन चुराकर खाते हो। कृष्णा तभी माता को मुंह खोलकर दिखाते थे और बोलते थे कि मैया मैंने माखन नहीं खाया।
भगवान कृष्ण के माखन चुराने पर गोपियां भी बुरा नहीं मानती थीं। गोपियां भगवान कृष्ण के दर्शन करने के लिए व्याकुल होकर माता यशोदा से उनकी शिकायत करने पहुंच जाती थी।कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर होकर भगवान कृष्ण की जयजयकार कर झूम उठे। श्रद्धालुओं ने कथा सुनकर धर्म लाभ उठाया। कथा के मुख्य जजमान श्याम रानी विश्वकर्मा, गठू,-कल्लोबाई, मनोहर नत्थो बाई विश्वकर्मा हैं। पंडित श्री आशीष मिश्रा के साथ कथा में साथ दे रहे पंडित रामगोपाल दुवे, रोहित ठाकुर, हेमंत, अजय एवं कथा में अपनी सेवाएं दे रहे। संजू विश्वकर्मा व संदीप विश्वकर्मा ने अभी श्रद्धलुओं का स्वागत बंदन कर प्रसाद वितरण किया।



