रेलवे स्टेशन में जान गंवाने वाले 18 मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की
नईदिल्ली। महाकुंभ जाने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 16 पर हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए। इस कारण मची भगदड़ में बड़ी संख्या में लोग हताहत हो गए। हादसे को लेकर सरकार ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है। हादसे में अपने परिजनों को खोने वालों को 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। घायलों को ढाई लाख जबकि मामूली घायलों को एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।
दिल्ली के कापसहेड़ा के रहने वाले एक शख्स ने कहा कि भगदड़ की शुरुआत सीढ़ियों से हुई थी। प्लैटफॉर्म पर भीड़ जरूर थी लेकिन हलचल कम थी। ट्रेन के प्लैटफॉर्म परिवर्तन के बाद लोगों का इधर से उधर आना जाना शुरू हो गया। वहीं सीढ़ियों के ऊपर से एक रेला आया और उसकी चपेट में आकर लोग गिरने लगे। गिरने वाले लोग दबते चले गए। यह पूरा वाकया बताने वाले शख्स की मां भी भगदड़ में गिर गईं। उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि वह परिवार के साथ छपरा जा रहे थे।
अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहुत सारे यात्री बिना टिकट के ही प्लैटफॉर्म पर पहुंच गए थे। रेलवे ने रात 12:30 पर एक स्पेशल ट्रेन भी महाकुंभ के लिए चलाई थी। बहुत सारे लोग इसी से प्रयागराज जाना चाहते थे। यात्री टिकट खरीदना चाहते थे लेकिन सभी ट्रेनों के टिकट की सीमा खत्म हो चुकी थी। ऐसे में वे बिना टिकट ही प्लैटफॉर्म पर जमा होने लगे। एक महिला ने कहा, टिकट चेकर आएगा तो हम टिकट ले लेंगे। ट्रेन में सीट लेने के लिए लोग भागे जा रहे थे।
कैसे हुई भगदड़?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाकुंभ जाने वाली ट्रेनें लेट हो गई थीं, जिससे स्टेशन पर भीड़ तेजी से बढ़ती गई। इसी दौरान, जब ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा हुई, तो श्रद्धालु तेजी से फुटओवर ब्रिज की ओर भागे। भारी भीड़ के दबाव से कई लोग गिर गए, जिसके बाद भगदड़ मच गई।
सरकारी बयान और जांच के आदेश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा—
“नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”
राजनीतिक बयानबाजी तेज
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर “सच्चाई छिपाने” का आरोप लगाते हुए मांग की है कि मृतकों की पहचान तुरंत सार्वजनिक की जाए और उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
दिल्ली सरकार ने LNJP अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।



