मध्यान्ह भोजन साझा चूल्हा एवं रसोईया संघ की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। मध्यप्रदेश राज्य के समस्त जिलों में मध्यान्ह भोजन योजना की शुरूआत वर्ष 1995 से की गई, जिसका संचालन पालक शिक्षक संघ द्वारा किया जाता था। उस समय पालन शिक्षक संघ को शत् प्रतिशत के छात्रों की उपस्थिति के मान से खाघान्न राशि का भुगतान होता था। विशेष भोजन के लिए भुगतान अलग से किया जाता था तथा वर्ष के अंतिम माह अप्रैल में राशि एवं खाघान्न का समायोजन किया जाता था। वर्ष 2008 से इस योजना को गरीब महिला स्व सहायता भुगतान किया गया लेकिन विगत कई वर्षो से समूहों को केवल लगभग 60 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति की दर से भुगतान किया जा रहा है वह भी समय पर नहीं मिलना 2-3 माह से मध्यान्ह भोजन खाघान्न की राशि एवं रसोईया मानदेय राशि नहीं मिली है, जिससे समूह बहुत परेशान है। अतः महिला समूह संघ निवेदन करती है कि समूह की निम्नलिखित मांगों को अति शीघ्र पूरा किया जाये। पालक शिक्षक संघ की तरह शत प्रतिशन राशि एवं खाधान्न को भुगतान समूहो को किया जाये। साक्षा चुल्हा में खाघान्न एवं राशि का भुगतान शत प्रतिशत किया जावे, साक्षा चूल्हा में रसोइया का भुगतान समूह के बिल में से नहीं काटा जावे। आगनवाड़ी सांझा चूल्हा में मध्यान्ह भोजन की तरह नियुक्त रसोइयों को अलग से शासन द्वारा 4000 रूपये का भुगतान किया जावे। मध्यान्ह। मध्यान्ह भोजन योजना में प्राथमिक शाला में प्रति छात्र खाधान्न की मात्रा 100 ग्राम की जगह 150 ग्राम एवं माध्यमिक शाला में प्रति छात्र खाधान्न की मात्रा 150 ग्राम की जगह 200 ग्राम की जावे। वर्तमान में सब्जी, ईधन एवं खाधान साम्रगी की महगाई को देखते हुए समूहो की उचित मागों को पूरा नहीं किया गया तो समस्त समूह दिनांक 15 फरवरी 24 से चूल्हा बंद हडताल करेंगे, जिसकी समस्त जबावदारी शासन प्रशासन की होगी।



