क्राइम

महिला के साथ गैंग रैप करने वाले आरोपियो को आजीवन कारावास एवं 20-20 साल की सजा

चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण में दोषसिद्धि
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
रायसेन | न्यायालय विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम रायसेन जिला रायसेन द्वारा निर्णय पारित करते हुए प्रकरण क्रमांक 27/2020 में आरोपीगण कुंवरलाल नोरिया आयु करीब 26 वर्ष, पुत्र हल्कोरी नोरिया, प्रीतू उर्फ प्रताप बेडिया, आयु करीब 26 वर्ष, पुत्र नारायण सिंह बेडिया, दोनों निवासी ग्राम बोरास थाना उदयपुरा जिला रायसेन को धारा 376 डी भादसं में दोषी पाते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा एवं आरोपी कुंवरलाल नोरिया को धारा 3 (2) (v) sc/st act में दोषी पाते हुये आजीवन कारावास एवं 2000- 2000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। उक्त प्रकरण शासन के द्वारा चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज किये गये मामलों में से एक था।
इस मामले में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से अनिल कुमार मिश्रा, जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला रायसेन एवं धनीराम विश्वकर्मा, विशेष लोक अभियोजक जिला रायसेन ने पैरवी की।
मामले के अनुसार फरियादी पीडिता ग्राम भुईपार थाना बटका जिला छिंदवाड़ा में रहती है, मेहनत मजदूरी करती है। लगभग एक महीने पहले वह मजदूरी करने के लिए आमगांव बम्हौरी आई थी, काम खत्म होने के कारण उसने उसकी पहचान के सचिन राजपूत को फोन करके वर्धा बम्हौरी थाना सिलवानी मजदूरी के पैसे लेने जाने के लिए साथ चलने को बुलाया, सचिन के आने पर दोनों आमगांव बम्हौरी से बस में बैठकर उदयपुरा गये, उदयपुरा में बस नहीं मिलने से दोनों ट्रैक्टर में बैठकर बौरास तिराहा रात लगभग 10 बजे उतर गये। ट्रेक्टर वाले ने बोला रात बहुत हो गयी है, पास मंदिर में रात बिताकर सुबह चले जाना, मंदिर जाते समय रास्ते में एक व्यक्ति मिला, जिसे सचिन जानता था, उसका नाम कुंवरलाल था, उसने बोला की मंदिर की धर्मशाला में ताला लग गया है तथा उसके साथ घर चलने के लिए कहा, तब फरियादी पीडिता तथा सचिन उसके साथ घर गये, वहां पर खाना खाया और लेट गये इतने में आरोपी कुंदरलाल ने मंजू व प्रीतू को बुला लिया, उन तीनों ने बैठकर शराब पी. उसके बाद आरोपीगण ने फरियादी पीडिता के साथ गलत हरकत करना शुरू की तो पीडिता की आवाज सुनकर सचिन जाग गया, तब तीनों आरोपीगण ने सचिन को बांधकर उसे खटिया पर पटक दिया और फरियादी पीडिता को जमीन पर पटककर प्रीतू ने उसके कंधे पकड़ लिये तथा तीनों आरोपीगण ने बारी बारी उसके साथ गलत काम किया और भाग गये। उसके पश्चात फरियादी पीडिता व सचिन गांव के कोटवार सूरज मेहरा के घर गये और उसे साथ लेकर थाना उदयपुरा रिपोर्ट करने गये।
फरियादी पीडिता की उक्त रिपोर्ट के आधार पर से आरक्षी केन्द्र उदयपुरा के अपराध क्रमांक 44 / 2020 धारा 376 डी. ‘भादस एवं धारा 3(2) (v) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अधीन मामाला पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी। विवेचना के दौरान घटना स्थल का नक्शा मौका बनाया गया, पीड़िता का मेडीकल परीक्षण कराया गया, पीडिता के 164 दप्रस के कथन माननीय न्यायालय के समक्ष कराये गये। साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गये, आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र मान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

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