मुनि संघ का हुआ नगर आगमन, समाजजनों ने गाजे बाजे से की भव्य आगवानी
126 किलो मीटर का पैदल विहार कर पथरिया से सिलवानी आया मुनि संघ
सिलवानी । आचार्य विशुद्व सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि प्रशम सागर महाराज, मुनि साध्य सागर महाराज, मुनि संकल्प सागर महाराज व मुनि सद्वभाव सागर महाराज का मंगलवार को सुबह के समय नगर आगमन हुआ। मुनि संघ का रात्रि विश्राम सिंगपुरी गांव में हुआ। नगर की धरा पर कदम रखते ही बड़ी संख्या में समाजजनो के द्वारा भव्य आगवानी की गई।
दिगंबर जैन त्रिमूर्ति जिनालय के सामने की गई अगवानी के बाद गाजे बाजे जयकारा लगाते हुए मुनि संध को बुधवारा बाजार स्थित पार्श्वनाथ जिनालय लाया गया। रास्ते में अनेको स्थानो पर आकर्षक रंगोली व तोरण द्वार बनाए गए। बल्कि जगह जगह पाद प्रक्षालन भी किया गया । पार्श्वनाथ जिनालय में मुनि प्रशम सागर महाराज ने कहा कि श्रावक का कर्तव्य होता है कि वह धर्म के अनुसार आचरण करे साथ ही मुनियो को विहार कराते हुए उनकी व्यवस्था करे । यह श्रावक का धर्म है। धार्मिक कार्यो में सदा अग्रनी रहने पर मुनि प्रशम सागर महाराज ने सिलवानी समाज की प्रशंसा करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
6 युवा बने मुनि संघ के सारथी
पथरिया जिला दमोह में विराजमान मुनि प्रशम सागर महाराज, मुनि साध्य सागर महाराज, मुनि संकल्प सागर महाराज व मुनि सद्वभाव सागर महाराज को विहार कराते हुए सिलवानी तक लाने में समाज के रीतेश जैन, प्रियांश जैन, बंटू जैन, श्रयांश जैन, संतोष कुमार जैन तथा विजयकुमार जैन सारथी बने । सभी युवा मुनि संध को विहार कराते हुए पैदल ही 126 किलो मीटर का सफर का सिलवानी तक आए।



