रावण का किरदार निभाया, मंच से उतरते ही मौत

ड्रेस चेंज करते वक्त सीने में उठा दर्द, डॉक्टर बोले-हार्ट अटैक के लक्षण थे
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
टीकमगढ़। टीकमगढ़ में रामलीला में रावण का किरदार निभाने वाले कलाकार की मौत हो गई। इवेंट खत्म होने के बाद कपड़े बदलते समय उनके सीने में दर्द हुआ। जिसके बाद साथी उसे अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना शनिवार रात की है। जिसकी जानकारी आयोजन समिति ने एक दिन बाद दी। बताया गया कि रामलीला खत्म होने के अगले दिन रविवार को भंडारा था। ऐसे में कलाकार की मौत की खबर से माहौल बिगड़ सकता था, इसीलिए उनका इलाज जारी रखने की बात कह दी गई। मामला दिगौड़ा थाना क्षेत्र के चैनपुरा बछोड़ा गांव का है। गांव के मड़िया बाबा मंदिर में 2 से 10 फरवरी तक महायज्ञ, भागवत कथा, संत सम्मेलन और रामलीला का आयोजन किया गया था। 10 फरवरी की रात करीब 2 बजे रामलीला के अंतिम दिन रावण वध का मंचन हुआ।
रात करीब दो बजे रावण का किरदार निभाने वाले भोले राजा ड्रेसिंग रूम में चले गए। कपड़े उतारने के दौरान भोले को सीने में दर्द होने लगा। वे नीचे बैठ गए। दर्द बढ़ता गया तो उन्होंने साथी कलाकारों को आवाज लगाई। वे निजी वाहन से भोले को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। ग्राम पंचायत रतनगुवां के रोजगार सहायक सुरेंद्र सिंह गौर ने बताया, ‘भोले राजा मेरे बहनोई थे। वे खिसनी गांव के रहने वाले थे। 11 फरवरी को हम लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया।’
सुरेंद्र सिंह गौर ने बताया, अस्पताल ले जाते वक्त बमार्ताल और बावरी गांव के बीच वे बेहोश हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।’
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया, 10 फरवरी को धार्मिक अनुष्ठान का समापन था। 11 को भंडारा रखा गया था। माहौल खराब न हो इसलिए भोले राजा की मौत की जानकारी नहीं दी गई। हमने कहा कि झांसी में उनका इलाज चल रहा है। रविवार रात भंडारा हो जाने के बाद लोगों को भोले की मौत होने की जानकारी दी गई।’ डॉ. दीपक ओझा ने कहा, अस्पताल पहुंचने से पहले ही भोले राजा की मौत हो चुकी थी। साथ आए लोगों ने बताया था कि उनके सीने में तकलीफ हो रही थी। सारे लक्षण हार्ट अटैक के ही थे।



