आज का पंचाग शुक्रवार 30 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
……. ✦••• जय श्री हरि •••✦ ……
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 30 सितम्बर 2022
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
👣 30 सितम्बर 2022 दिन शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि का पञ्चम दिवस है। आप सभी सनातनी बंधुओं को बता दूँ, कि शारदीय नवरात्रा के पाँचवे दिन माता स्कन्दमाता को प्रशन्न करने के लिए अंगराग तथा शक्ति एवं श्रद्धानुसार अलंकार (आभूषण) से सजाना चाहिये। आज माता चंडी की पाँचवी स्वरूपा माँ स्कन्दमाता के उपासना की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ। मातारानी से हमारी हार्दिक प्रार्थना यही है, कि आप सभी सनातनियों के सभी समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुखद एवं आनंददायी जीवन प्रदान करें।।
30 सितम्बर 2022 दिन शुक्रवार को शुक्र देवता पूर्व दिशा में अस्त हो रहे हैं। आज ही के दिन महाराष्ट्र में उपांगललिता व्रत तथा नटपञ्चमी का व्रत उड़ीसा में मनाया जाता है। आज शारदीय नवरात्र के पाँचवे दिन स्कन्दमाता के दर्शन एवं पूजन का अनन्त गुना महत्व होता है।।
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्र्विन मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- पंचमी तिथि 22:35:00 बजे तक तदोपरान्त षष्ठी तिथि
📝 तिथि स्वामीः- पंचमी तिथि के स्वामी नागदेवता हैं तथा षष्ठी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी हैं।
💫 नक्षत्रः- अनुराधा नक्षत्र 28:19:00 बजे तक तदोपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि देव जी हैं तथा ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध देव जी हैं।
🔊 योगः- प्रीति 22:32:22 बजे तक तदोपरान्त आयुष्मान
⚡ प्रथम करण : बव – 11:23 ए एम तक
✨ द्वितीय करण: बालव – 10:34 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 07:42:00A,M से 09:12:00 A.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 10:41:00 से 12:11:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:05:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:55:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:37 ए एम से 05:25 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:01 ए एम से 06:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:47 ए एम से 12:35 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:10 पी एम से 02:58 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:57 पी एम से 06:21 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:08 पी एम से 07:21 पी एम
💧 अमृत काल : 06:18 पी एम से 07:51 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:47 पी एम से 12:35 ए एम, अक्टूबर 01
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:13 ए एम से 04:19 ए एम, अक्टूबर 01
❄️ रवि योग : 04:19 ए एम, अक्टूबर 01 से 06:14 ए एम, अक्टूबर 01
💥 प्रीति योग- रात 10 बजकर 33 मिनट तक
☄️ अनुराधा नक्षत्र- पूरा दिन पार कर के अगले भोर 4 बजकर 19 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-ललिता देवी का ललिता सहस्रनाम द्वारा मखानों से अर्चन करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पंचम नवरात्र माँ स्कन्दमाता पूजा व्रत , रंग सफेद, ललिता पंचमी, उपांग ललिता पंचमी व्रत, नत पंचमी (उड़ीसा), राव विरेन्द्र सिंह पुण्य दिवस, अन्तर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस, बैंक अर्धवार्षिक लेखाबंदी, हरिजन सेवक संघ स्थापना दिवस, मूल प्रारंभ
✍🏽 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
बेड की स्थिति सुधारें कई लोग रूम के मुताबिक, अपने बेड की जगह बदलते रहते हैं. लेकिन ऐसा करने से रिलेशन में मनमुटाव शुरू हो जाता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि पति-पत्नी के रूम में बेड की दिशा या तो दक्षिण की ओर या दक्षिण-पश्चिम में होनी चाहिए. अगर बेड की स्थिति इन दोनों दिशा में होती है तो नेगेटिविटी दूर रहती है. वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में बेड रहने से पति-पत्नी के पॉजिटिव वाइब्स को बढ़ावा मिलता है।
सही आकार में हो बेडरूम जिस कमरे में पति-पत्नी सोते हैं उस कमरे का आकार सही होना चाहिए. कमरे में कट या नुकीले कोने नहीं होने चाहिए. अगर ऐसा होता है तो उसमें नेगेटिविटी आती है, जो झगड़े का कारण बन सकता है।
मेटल के बेड पर सोने से बचें एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी भी पति-पत्नी को किसी धातु के बेड पर नहीं सोना चाहिए. ऐसा करने से रिश्ते में तनाव बढ़ता है. इसके साथ ही कभी भी डबल बेड पर 2 अलग-अलग गद्दे डालकर नहीं सोना चाहिए. अगर 2 सिंगल गद्दों को मिलाकर डबल बेड पर लगाया जाता है तो इससे कपल के बीच अनबन पैदा होती है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कष्ट-बाधा और पितृदोष का उपाय
सदगुरु या इष्ट का ध्यान करते हुए निम्नलिखित शिव-गायत्री मंत्र की एक माला सुबह अथवा शाम की संध्याओं में कभी भी कुछ दिन जपने से पितृदोष, कष्ट-बाधा दूर हो जाते हैं तथा पितर भी प्रसन्न होते हैं | जब पितर प्रसन्न होते हैं तो घर में सुख-समृद्धि, वंशवृद्धि व सर्वत्र उन्नति देते हैं |
मंत्र :
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि | तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् ||
(लिंग पुराण, उत्तर भाग :४८.७)
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
कालसर्पयोग दूर करने का उपाय
कालसर्पयोग बड़ा दुःख देता है लेकिन सद गुरु – पूजन से, गुरु-ध्यान से, गुरुमंत्र के जप और सदगुरु के आदर से कालसर्पयोग चला जाता है | नहीं तो कितना भी पूजा-पाठ कराओ, हजारों रूपये खर्च करो और इससे कालसर्पयोग थोडा-बहुत कम हुआ भी हो तो भी थोड़ी तो समस्या बनी रहती है किंतु गुरुपूनम के दिन अथवा किसी भी दिन सदगुरु का मानसिक पूजन करके उनकी प्रदक्षिणा करे तो कालसर्पयोग का प्रभाव खत्म हो जाता है |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सुखी जीवन किसे नहीं चाहिए, इंसान संघर्ष करता है जिससे वो एक सुखी परिवार का हिस्सा बन सके। मगर जरूरी नहीं है कि हम जो सोचे वो हो ही जाए। आज हम आपको आचार्य श्री गोपी राम की एक ऐसी नीति के बारे में बताने वाले हैं जिसे आपको जानना अत्यंत आवश्यक है। इन चीजों को लेकर अगर इंसान सतर्क हो जाए तो उसे सुखी जीवन मिल सकता है, क्योंकि इन चार लोगों के साथ रहना तो साक्षात मृत्यु के समान है।
🗣️ श्लोक
दुष्टा भार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरदायक:।
स-सर्पे च गृहे वासो मृत्युरेव न संशय:।।
दुष्ट पत्नी, चालाक मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।
दुष्ट पत्नी हमारा कहना हैं कि आपका जीवन कितना भी अच्छा क्यों न हो मगर यदि आपके घर में दुष्ट पत्नी है तो आपका घर कभी स्वर्ग नहीं बन सकता है और ऐसी पत्नी के साथ रहना मृत्यु से कम नहीं है, क्योंकि पति की सफलता में पत्नी का हाथ होता है, अगर पत्नी दुष्ट हो तो मनुष्य का जीवन बर्बाद हो जाता है।
चालाक मित्र हम कहते हैं कि मित्र कम बनाओ लेकिन ऐसे बनाओ जो सच्चे हों, जो जरूरत पड़ने पर आपका साथ दें, वरना अगर जिंदगी में चालाक मित्र हों जो आपसे झूठ बोलें आपको धोखा दें, ऐसे मित्र का होना मतलब साक्षात मौत का साथ होना है। ऐसे मित्र हानि पहुंचाते हैं इसलिए इनसे दूरी बना लें।
धोखेबाज सेवक सेवक वो होना चाहिए जो वफादार हो। ऐसे सेवक जो बदमाश हो धोखेबाज हो ये आपको कभी भी फंसा सकते हैं और आपका फायदा उठाकर आपको ही परेशानी में डाल सकते हैं। आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक ऐसे सेवकों का होना साक्षात मृत्यु के समान है।
◄┉┉༺✦ᱪ✦༻┉┉┉►
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

