आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 17 अगस्त 2024
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 08:06 AM तक उपरांत त्रयोदशी तिथि 05:51 AM तक उपरांत चतुर्दशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी तिथि के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 11:48 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र है तो राशि स्वामी शुक्र।
⚜️ योग – प्रीति योग 10:47 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 08:05 ए एम तक कौलव – 07:03 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 05:51 ए एम, अगस्त 18 तक गर
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:33:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:27:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:25 ए एम से 05:08 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:46 ए एम से 05:51 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:51 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:36 पी एम से 03:28 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:58 पी एम से 07:20 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:58 पी एम से 08:04 पी एम
💧 अमृत काल : 07:12 ए एम से 08:44 ए एम 04:16 ए एम, अगस्त 18 से 05:45 ए एम, अगस्त 18
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, अगस्त 18 से 12:47 ए एम, अगस्त 18
🚕 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शनिदेव का तिल का तेल से अभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – शनि प्रदोष, बलराम जयंती, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वी. रेड्डी जन्म दिवस, विश्व मधुमक्खी दिवस, अंतर्राष्ट्रीय जियोकैचिंग दिवस, एकरसता तोड़ो दिवस, अंतर्राष्ट्रीय बेघर पशु दिवस, राष्ट्रीय वेनिला कस्टर्ड दिवस, राष्ट्रीय बचत दुकान दिवस, महान क्रांतिकारी मदन लाल ढींगर शहीद दिवस, इंडोनेशियाई स्वतंत्रता दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार: अपने घर और कार्यस्थल में वास्तु नियमों का पालन करें। मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखें, और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें।
शिव पूजा: नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। यह आर्थिक समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।मंत्र जाप: “ॐ श्री लक्ष्मी नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। लक्ष्मी देवी की कृपा से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
दान और सेवा: गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें और सामाजिक सेवा में हिस्सा लें। इससे सकारात्मक ऊर्जा और कृपा प्राप्त होती है।
सपत्ति: नियमित रूप से गंगाजल से अपने घर की सफाई करें। यह घर में शुभता और धनलाभ की संभावनाओं को बढ़ाता है।
आर्थिक योजना: अपने खर्चों का बजट बनाएं और सहेज कर खर्च करें। धन की योजना बनाकर सही दिशा में निवेश करें।
ध्यान और योग: मानसिक शांति और स्पष्टता के लिए ध्यान और योग का अभ्यास करें। इससे आपको मानसिक स्थिरता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बुरी आदतें और ग्रह दोष: कुछ बुरी आदतें आपके जीवन में ग्रह दोष पैदा कर सकती हैं, जिससे जीवन में उथलपुथल और समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन आदतों से बचना अत्यंत आवश्यक है ताकि आप स्वस्थ और सुखी जीवन जी सकें।
समय की बर्बादी: अत्यधिक समय बिताना अनावश्यक गतिविधियों में जैसे टीवी देखना, सोशल मीडिया पर समय गंवाना या अव्यवस्थित जीवनशैली का पालन करना। यह आदतें आपके कार्यक्षमता और सफलता को प्रभावित कर सकती हैं, और ग्रहों की स्थिति में अनुकूलता की कमी कर सकती हैं।
तनाव और चिंता: अत्यधिक चिंता और मानसिक तनाव ग्रह दोषों का कारण बन सकते हैं। यह स्वास्थ्य समस्याओं, मानसिक अशांति और जीवन में संतुलन की कमी का कारण बन सकता है।
झूठ बोलना: नियमित रूप से झूठ बोलना या सच्चाई से परे रहना आपके जीवन में ग्रह दोष उत्पन्न कर सकता है। इससे आपकी व्यक्तिगत और पेशेवर स्थिति प्रभावित हो सकती है।
व्यसन (Addiction): शराब, सिगरेट, या अन्य नशीली दवाओं का सेवन आपकी स्वास्थ्य स्थिति को बिगाड़ सकता है और ग्रहों के प्रभाव को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
अनुशासन की कमी: जीवन में अनुशासन का अभाव जैसे अनुचित समय पर सोना और जागना, असंतुलित आहार लेना ग्रह दोषों को जन्म दे सकता है।
सावधानी और सुधार: इन बुरी आदतों को छोड़कर, आप अपनी जीवनशैली में सुधार कर सकते हैं और ग्रहों के अनुकूल प्रभाव प्राप्त कर सकते हैं। अपने जीवन को व्यवस्थित और सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए नियमित ध्यान, पूजा और संयमित जीवन जीने का प्रयास करें।
🍶 आरोग्य संजीवनी 🍻
रात में कैसे करें दालचीनी का इस्तेमाल: अपना वजन कम करने के लिए आप रात को सोने से पहले दालचीनी की चाय या फिर उसका पानी पी सकते हैं। गर्म पानी में दालचीनी को उबालें उसमें शहद मिलाकर पियें। आप ये पानी रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद दोनों समय पीते हैं तो सेहत के लिए फायदेमंद होगा और वजन तेजी से कम होगा।
इन परेशानियों में भी है कारगर: एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर दालचीनी आपकी इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करती हैं। इसमें पॉलीफिनॉल और प्रोऐंथोसाइनिडिन्स पाए जाते हैं जो कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में कारगर है। दालचीनी का पानी सूजन को कम करने और स्वस्थ रंग को बढ़ावा देकर त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। ये स्किन की कई प्रॉब्लम्स को दूर कर सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
भगवान का संकेत एक बार एक किसान जंगल में लकड़ी बिनने गया तो उसने एक अद्भुत बात देखी।
एक लोमड़ी के दो पैर नहीं थे, फिर भी वह खुशी खुशी घसीट कर चल रही थी।
यह कैसे ज़िंदा रहती है जबकि किसी शिकार को भी नहीं पकड़ सकती, किसान ने सोचा. तभी उसने देखा कि एक शेर अपने दांतो में एक शिकार दबाए उसी तरफ आ रहा है. सभी जानवर भागने लगे, वह किसान भी पेड़ पर चढ़ गया. उसने देखा कि शेर, उस लोमड़ी के पास आया. उसे खाने की जगह, प्यार से शिकार का थोड़ा हिस्सा डालकर चला गया।
दूसरे दिन भी उसने देखा कि शेर बड़े प्यार से लोमड़ी को खाना देकर चला गया. किसान ने इस अद्भुत लीला के लिए भगवान का मन में नमन किया। उसे अहसास हो गया कि भगवान जिसे पैदा करते है उसकी रोटी का भी इंतजाम कर देते हैं।
यह जानकर वह भी एक निर्जन स्थान चला गया और वहां पर चुपचाप बैठ कर भोजन का रास्ता देखता। कई दिन गुज़र गए, कोई नहीं आया। वह मरणासन्न होकर वापस लौटने लगा।
तभी उसे एक विद्वान महात्मा मिले। उन्होंने उसे भोजन पानी कराया, तो वह किसान उनके चरणों में गिरकर वह लोमड़ी की बात बताते हुए बोला, महाराज, भगवान ने उस अपंग लोमड़ी पर दया दिखाई पर मैं तो मरते मरते बचा; ऐसा क्यों हुआ कि भगवान् मुझ पर इतने निर्दयी हो गए ?
महात्मा उस किसान के सर पर हाथ फिराकर मुस्कुराकर बोले, तुम इतने नासमझ हो गए कि तुमने भगवान का इशारा भी नहीं समझा इसीलिए तुम्हें इस तरह की मुसीबत उठानी पड़ी। तुम ये क्यों नहीं समझे कि भगवान् तुम्हे उस शेर की तरह मदद करने वाला बनते देखना चाहते थे, निरीह लोमड़ी की तरह नहीं।
हमारे जीवन में भी ऐसा कई बार होता है कि हमें चीजें जिस तरह समझनी चाहिए उसके विपरीत समझ लेते हैं। ईश्वर ने हम सभी के अंदर कुछ न कुछ ऐसी शक्तियां दी हैं जो हमें महान बना सकती हैं।
※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते है।

