मध्य प्रदेश

रिश्वत लेने के लिये तहसील में लगा दी कोटवार की डयूटी, बाबू की शह पर कोटवार लेता है रिश्वत

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार में एक और नया अध्याय जुड़ गया है और तहसील में पदस्थ सहायक ग्रेड- 3 गीता झारिया के द्वारा रिश्वत लेने के लिये सिमरिया कोटवार मनमोहन उर्फ मनसुख को डयूटी काफी लम्बे समय से तहसीलदार ऑफिस में लगवाई गई है। जहां पर कोटवार बकायदा कुर्सी में बैठकर रिश्वत का लेन-देन करता है।
सूत्रों ने बताया कि पहले रिश्वत लेन-देन की बात सहायक ग्रेड-3 गीता झारिया के द्वारा तय की जाती है इसके बाद रिश्वत सिमरिया कोटवार मनमोहन उर्फ मनसुख के द्वारा ली जाती है और फिर शाम के समय तहसील ऑफिस में बैठकर ली गई रिश्वत का बंटवारा होता है। इस बात की जानकारी प्रभारी तहसीलदार प्रियंका नेताम को है इसके बाद भी इनके द्वारा कोटवार- सहायक ग्रेड- 3 के विरुद्ध किसी तरह की कोई कार्यवाही आज दिनांक तक नहीं की गई है जिस कारण से इनके हौसले और बुलंद होते जा रहे है । और इनके द्वारा संगामित्ती करके रिश्वत लेने का काम किया जाता है। बताया जाता है कि जिस मामले में इन्हें रिश्वत नहीं मिलती है तो इनके द्वारा उक्त फाईल रोक दी जाती है या फिर उसमें से कुछ जरुरी दस्तावेज ही गायब कर दिया जाता है।
रिश्वत लेते पकड़ा गया था आरआई
स्मरण रहे कि ढीमरखेड़ा तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है कुछ समय पहले ही लोकायुक्त जबलपुर के द्वारा आरआई को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद कुछ समय के लिये अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा बिना रिश्वत के काम किया जाता था लेकिन एक बार तहसील कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना गया है और यहां पर पदस्थ सहायक गेड-3 गीता झारिया के द्वारा नामांतरण, बंटवारा, अतिक्रमणों के मामले में जमकर रिश्वत ली जा रही है। वहीं जानकारी यह लगी है कि कोटवार की डयूटी ऑफिस में भृत्य की भूमिका का निर्वाहन करने के लिये लगाई गई है लेकिन सहायक गेड-3 गीता झारिया के द्वारा रिश्वत लेने के लिये उसका उपयोग किया जा रहा है। बताया जाता है कि गीता झारिया के द्वारा ऐसा इसलिये किया जाता है कि जब भी लोकायुक्त टेप या ईओडब्ल्यू की कार्यवाही हो तो वह बच जाये और इस मामले में कोटवार फंस जाये।

Related Articles

Back to top button