मध्य प्रदेश

श्मशान घाट ना होने से ग्रामीणों को नदी किनारे करना पड़ता है अंतिम संस्कार

रिपोर्टर : राधेश्याम साहू
सिलवानी । जनपद पंचायत सिलवानी के ग्राम चीचोली से एक झकझोरने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां गांव में आज तक कोई शमशान घाट और शमशान का शेड नहीं बना है, इसलिए बारिश हो या मौसम साफ हो ग्राम में  वासियों नदी किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है।
ग्राम वासियों का कहना है कि इस ग्राम में अभी तक  श्मशान घाट नही बना है। इस कारण हम लोगों को नदी किनारे या जंगल में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। वहीं ग्रामीण ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व हम लोग नदी किनारे अंतिम संस्कार कर रहे थे तब तेज बारिश हो जाने के कारण नदी में एकदम से पानी आ गया और जलता हुआ शव पानी में बह गया।  ग्रामीणों का कहना है  गांव में जो लोग रसूखदार जमीन वाले हैं उनके परिवारों में जब किसी की मृत्यु होती है तो वह अपने निजी खेत की जमीन पर अंतिम संस्कार कर लेते हैं। लेकिन हम गरीबों को नदी किनारे या जंगल में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है।
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि हम चुनाव के वोटर हैं, लोकसभा से लेकर पंचायत चुनाव तक में मतदान करते हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर हमें कुछ भी नहीं है ।
अंतिम संस्कार के लिए बारिश रुकने का इंतजार
ग्राम पंचायत चिचोली के ग्रामीणों ने बताया कि जब बारिश होती है तो अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानियों का सामना हमको करना पड़ता है। वर्षों से इसी गांव में रह रहे हैं । परंतु ग्राम पंचायत ने अभी तक शमशान घाट का निर्माण नहीं कराया है जिससे गांव में बारिश के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है तो उसका दाह संस्कार करने के लिए पानी खुलने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं किसी तरह दाह संस्कार कर भी दें तो पॉलीथिन ढांकना पड़ता है। इस प्रयास में कभी कभी ग्राम के लोग भी झुलस जाते हैं। चिचोली ग्राम में लगभग 900 लोगों की बस्ती है। लेकिन सुविधा के नाम से हम लोग काफी दूर है।
मदन मोहन शर्मा ने बताया कि हम लोग स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकिर शासन प्रशासन के लोगों तक से शमशान घाट के लिए आवेदन देकर कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कहीं से स्वीकृति नहीं मिली।
*अतिक्रमण की चपेट में जगह*
वही कुछ ग्रामीणों का कहना है कि  श्मशानघाट की जमीन पर लोगों ने कब्जा भी कर लिया है, जिससे बहुत कम जगह बची है और जो जगह बची है वहां पर रास्ता नहीं है। अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है।
इस संबंध में नीलम रैकवार, सीईओ जनपद पंचायत  सिलवानी का कहना है कि श्मशान घाट तो होना चाहिए था सरकार द्वारा निर्देश भी दिए गए हैं कि हर ग्राम में श्मशान घाट होना चाहिए। लेकिन अभी तक चिचोली गांव में श्मशान क्यों नहीं बन पाया इसकी जांच करतीं हूं।

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