विकलांग पुनर्वास केंद्र में भ्रष्ट अधिकारियों ने लाखों रुपए लेकर की गई गलत तरीके से नियुक्तियां
दिव्यांग जागेश्वर लोधी ने कलेक्टर से न्याय की मांग की
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । कार्यालय कलेक्टर सामाजिक न्याय विभाग एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण दमोह के द्वारा दिनांक 01 सितम्बर 23 को विज्ञापन जारी किया गया जिसमें जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र में आठ रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे जो की सीधी प्रक्रिया मेरिट सूची एव साक्षात्कार के माध्यम से नियुक्ति की जानी थी एवं दिनांक 3 अक्तूबर 23 को 80 आवेदनों में से मात्र 12 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार हेतु बुलाया गया जिसमें जागेश्वर सिंह लोधी के द्वारा एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद हेतु आवेदन किया गया था जिसके पास शासन की गाइड लाइन अनुसार समस्त अहर्ताएं एवं अनुभव प्रमाण पत्र थे परंतु उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग अधिकारी एवं सामाजिक न्याय विभाग के बाबू विकास श्रीवास्तव के द्वारा लाखो रुपए लेकर भ्रष्टाचार करते हुए गलत तरीके से नियुक्ति की गई, साथ ही मेरे आवेदन के साथ छेड़छाड़ कर मुझे पूर्ण अंक नहीं दिए गए साथ ही एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर पद पर गलत तरीके से लाखों रुपए लेकर संगीता मिश्रा पति नितिन मिश्रा की नियुक्ति कर दी गई एवं जो की पूर्णता गलत है आज मेरे द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर आपत्ति दर्ज की गई है एवं साथ ही जिला पंचायत कार्यालय में भी आपत्ति लगाई गई है जिसमे आदेशों पर रोक लगाकर पुनः आवेदनों पर विचार करते हुए योग्य व्यक्ति को नियुक्ति किया जाना न्याय संगत होगा साथ ही मैने विकलांग उत्थान समिति के द्वारा लगभग 15 वर्षों से दिव्यांग के क्षेत्र में कार्य कर रहा हूं और योग्य होने के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के चलते मुझे सूची से बाहर कर दिया गया जैसा की सामाजिक न्याय विभाग एवं संबंधित विभाग खोखली बातों से दिव्यांगों के पुनर्वास की जो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं वह देखने मिला कि एक योग दिव्यांग व्यक्ति के साथ उसके अधिकारों का हनन करते हुए गलत प्रक्रिया को अंजाम देते हुए नियुक्ति कर दी गई उसके साथ अन्याय किया जिससे पता चलता है कि जिले के दिव्यांगों की क्या स्थिति होती होगी ।



