धार्मिक

कलयुग में दिखाया भक्ति का मार्ग, शिव विवाह में जमकर झूमे श्रोता

औधोगिक शहर के दशहरा में अंतरराष्ट्रीय आध्यत्मिक एवं प्रेरक प्रवक्ता जया किशोरी के मुखारविन्द से आयोजित हो रही है 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा
रिपोर्टर : सत्येंद्र जोशी
मण्डीदीप । औधोगिक शहर के दशहरा मैदान पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा में भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती के विवाह के प्रसंग का मनमोहक मंचन किया गया। इस दौरान कथा व्यास अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं प्रेरक प्रवक्ता जया किशोरी द्वारा गए विवाह गीत पर जमकर नाचे श्रोता। घोड़े पर सवार होकर आए भोलेबाबा के साथ बराती झूमते हुए, वहीं माता पार्वती की सखियों ने विवाह गीतों पर जमकर नृत्य किया।
कलयुग में भक्ति से मिलेगी मुक्ति-
कथा व्यास ने दूसरे दिन की कथा में बताया कि ईश्वर की प्राप्ति का सबसे सहज मार्ग कलयुग में ही बताया गया है। उन्होंने कहा कि कलयुग में केवल ज्ञान, भक्ति और जप के माध्यम से ही ईश्वय की प्राप्ति की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज के समय मे मनुष्य को जीवन में परिवार, धर्म और समाज के बीच संतुलन बनाकर रखना चाहिए, कोई भी काम बाद के लिए नहीं छोड़ना नहीं चाहिए, क्योकि मनुष्य का जीवन कितना है ये किसी को नहीं पता। इस दौरान धुर्व कथा एवं बारह अवतार की कथा श्रवण कराई गई।
दूसरे दिन पड़ा पंडाल छोटा-
कथा व्यास जया किशोरी जी की लोकप्रियता एवं नगरवासियों की धर्म के प्रति आस्था का आलम यह कि कथा के दूसरे दिन ही 80 हजार वर्ग फिट का पंडाल छोटा पड़ गया। आयोजन समिति द्वारा प्रतिदिन पंडाल बढ़ाया जा रहा है।

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