कृषिमध्य प्रदेश

साहब ! अगर यूरिया खाद समय पर नहीं मिली तो किसानों की सूख जाएगी गेहूं फसल

एमपी एग्रो की खाद गोदाम पर लगी किसानों की कतारें जरूरत 10 बोरी की मिल रही सिर्फ दो बोरी यूरिया खाद
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । इन दिनों रायसेन कृषि उपज मंडी स्थित एमपी एग्रो की खाद गोदाम पर सुबह से ही किसानों की यूरिया खाद बोरी खरीदने के लिए लंबी लंबी कतारें लग जाती हैं । लेकिन किसानों को यहां जरूरत के मुताबिक यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है ।किसानों की पीड़ा है कि अभी हमको फिलहाल 10 बोरी खाद की जरूरत है और एमपी एग्रो विभाग उन्हें बमुश्किल 2 बोरी यूरिया खाद दे रहा है। ऐसे में खाद आपूर्ति की समस्या किसानों के सामने चुनौती बनती जा रही है। उनके साथ किसान महिलाएं भी खड़ी नजर आती हैं घर के चूल्हे चौके छोड़कर खाद लेने आई महिलाओं ने बताया कि उन्हें फिलहाल 10 बोरी खाद यूरिया खाद की जरूरत है । लेकिन बमुश्किल दो बोरी खाद ही मिल पाती हैं । इस दौरान उनके समय और धन की बर्बादी हो रही है सो अलग बात है। लेकिन यूरिया खाद जरूरत के मुताबिक नहीं मिल पा रही है । किसान रुकमणी बैरागी, सुशीला देवी, सुनीता बाई पटेल, राजमणि बाई, शकुन बाई सहित कृषक गुलशेर खान, लाल मियां, अंसार बैग, मेहरबान सिंह कुशवाहा, हुकम सिंह कुशवाहा सुरई आदि ने बताया कि उन्हें जरूरत के मुताबिक यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी गेहूं में खड़ी गेहूं की फसल मुरझा सकती है ।समय पर खाद और पानी की सिंचाई करनी होती है। तब कहीं जाकर गेहूं फसल ग्रोथ कर पाती है।
इस संबंध में मनोहर उईके , एमपी एग्रो महाप्रबंधक रायसेन का कहना है कि एमपी एग्रो की खाद गोदाम में फिलहाल यूरिया खाद का स्टॉक कम है ।खाद के स्टॉक के अनुसार ही किसानों को दो से 3 बोरियां यूरिया खाद वितरित की जा रही है ।इसके लिए किसानों से आधार कार्ड तो बही की छाया प्रति भी जमा कराई जा रही है। मशीन का सर्वर डाउन होने की वजह से किसानों को थोड़ी दिक्कतें है आ रही है। इस समस्या को भी जल्द हल करवा लिया जाएगा।

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