शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर 2023 से, इस शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना
Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✺═══✺👣🌹✺═══✺
🔮 शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर 2023 से, इस शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना
👣 शारदीय नवरात्रि का आरंभ 15 अक्टूबर से हो रहा है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों से पूजा की जाती है। नवरात्रि का आरंभ आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होता है। इस बार शारदीय नवरात्रि का आरंभ 15 अक्टूबर से हो रहा है और 24 अक्टूबर को इसका समापन होगा। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। आइए जानते हैं। आचार्य श्री गोपी राम से घटस्थापना का शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा।
⚛️ शारदीय नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, घटस्थापना और देवी पूजा प्रात: काल करने का विधान हैं। लेकिन, इसमें चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को वर्जित माना जाता है। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, 15 अक्टूबर 2023 रविवार को चित्रा नक्षत्र का शाम में 6 बजकर 12 मिनट तक हैं और वैधृति योग सुबह 10 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में जब चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र के दो चरण व्यतीत हो चुके हैं तो घटस्थापना की जा सकती है।
⏰ इस समय घटस्थापना करना शुभ
15 अक्टूबर को प्रात: काल में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के दो दो चरण संपूर्ण हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में घटस्थापना प्रातः: काल भी कर सकते हैं। साथ ही अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की जा सकती है। 15 अक्टूबर 2023 को अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 44 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप घटस्थापना कर सकते हैं।
🛕 ये होनी चाहिए दिशा
कलश की स्थापना के दौरान दिशा का ध्यान रखना जरूरी है। आप कलश स्थापना के लिए घर की पूर्व या उत्तर दिशा का चयन कर सकते हैं। क्योंकि वास्तु की दृष्टि से भी इन दिशाओं को बहुत-ही शुभ माना गया है।
💁🏻♀️ घटस्थापना में रखें इन बातों का खास ख्याल
👉🏽 घट स्थापना यानी मिट्टी का घड़ा, चांदी, अष्ट धातु, पीतल या आदि धातु का कलश इसे नवरात्रि के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त में ईशान कोण में स्थापित किया जाता है।
👉🏽 इसके लिए सबसे पहले थोड़ी सी मिट्टी डालें और फिर इसमें जौं डालें फिर एर परत मिट्टी की बिछाए एक बार फिर जौं डालें। फिर से मिट्टी की परत बिछाएं। अब इस पर जल का छिड़काव करें। इसके बाद इसे स्थापित कर दें।
👉🏽 घटस्थापना करने से पहले लकड़ी के टुकड़े पर एक पाट रख दें। इसके बाद इसपर एक लाल कपड़ा बिछाकर इसपर घट स्थापित करें। घट पर रोली या चंदन से स्वस्तिक जरुर बनाएं। घट के गले में कलावा बांधे। कलश के नीचे थोड़ा से चावल जरुर डालें और कलश के अंदर सिक्का, सुपारी, पंचपल्लव (आम के पत्ते), सप्तम मृतिका (मिट्टी), डाल दें।
👉🏽 मिठाई, प्रसाद आदि घट के आसपास रखें। सबसे पहले गणेश वंदना करें और फिर देवी का आह्वान करें।
👉🏽 इसके बाद देवी देवताओं का आह्वान करते हुए प्रार्थना करें।
🗣️ मां दुर्गा के आगमन का श्लोक
शशि सूर्ये गजा रूढ़ा शनि भौमे तुरंग में, गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता.
गजे च जलदा देवी छत्र भंगस्तुरंगमे, नौकायां सर्व सिद्धि स्यात् डोलायां मरणं ध्रुवम.
बुध शुक्र दिने यदि सा विजया गजवाहन गा शुभ वृष्टि का, सुरराजगुरौ यदि सा विजया नरवाहन गा शुभ सौख्य करा.
🤷🏻♀️ नवरात्रि के व्रत-उपवास में इन बातों का ध्यान रखें
नवरात्रि में वैसे तो नौ दिनों तक बिना अन्न खाए सिर्फ फल खाकर उपवास करने का विधान है, लेकिन इतने कठिन नियम पालन नहीं हो सकते तो दूध और फलों का रस पीकर भी व्रत किया जा सकता है। इतना भी न किया जा सके तो एक वक्त खाना खाकर व्रत कर सकते हैं या पूरे नौ दिनों तक बिना नमक का भोजन करने का भी नियम ले सकते हैं।
नवरात्रि में व्रत-उपवास के दौरान लहसुन, प्याज, तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला और किसी भी तरह का नशा नहीं करना चाहिए। इन दिनों गुस्सा करने और झूठ बोलने से भी बचना चाहिए। इन नियमों को ध्यान में रखकर व्रत किया जाना चाहिए। बीमार, बच्चे और बूढ़े लोगों को व्रत नहीं करना चाहिए। साथ ही जिन लोगों को देर रात तक जागना पड़ता है या डिस्टर्ब रूटीन वालों को भी व्रत करने से बचना चाहिए।
🪔 ऐसे जलाएं अखंड ज्योत…
🔸 नवरात्रि में नौ दिन तक अखंड ज्योत जलाई जाती है। घी का दीपक देवी के दाहिनी ओर, तेल वाला देवी के बाईं ओर रखना चाहिए।
🔹 अखंड ज्योत नौ दिनों तक जलती रहनी चाहिए। जब ज्योत में घी डालना हो या बत्ती ठीक करनी हो तो अखंड दीपक की लौ से एक छोटा दीपक जलाकर अलग रख लें।
🔸 दीपक ठीक करते हुए अखंड ज्योत बुझ भी जाए तो छोटे दीपक की लौ से फिर जलाई जा सकती है। छोटे दीपक की लौ को घी में डुबोकर ही बुझाएं।



