धार्मिकमध्य प्रदेश
शिव आदि अनंत हैं,शिव भक्ति बड़ी सरल है : रेवाशंकर शास्त्री
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
। तहसील के ग्राम ग्राम सिमरिया कला में सप्त दिवसीय शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में चतुर्थ दिवस को श्री शिव महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए पं रेवाशंकर शास्त्री ने कहा कि यह संसार परमात्मा की इच्छा से निर्मित हुआ है। संपूर्ण जीव चराचर की संरचना में भगवान शिव ही समाहित हैं एव इस संसार के मूल तत्व के रूप में विद्यमान हैं उन से परे कुछ भी नहीं है । शिव तत्व का ज्ञान मानव को अपने जीवन में प्राप्त करके शिव की शरण में स्वयं को संलग्न करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिवपुराण की कथा का श्रवण करता है उसे अपने आप भगवान शिव की कृपा अनुभूति प्राप्त हो जाती है, श्री शास्त्री जी ने कहा की भगवान शिव बहुत भोले भाले भगवान है मात्र जल और बेलपत्र से प्रसन्न हो जाते है, भगवान शिव की आदि अनंत है। सभी देवता भगवान शिव की भक्ति करते है। व्यक्ति को सदेव शिव की भक्ति करना चाइए, जिस पर शिव की कृपा होती है। वह व्यक्ति कभी पाप का भागीदार नहीं होता, उस के घर परिवार समाज में मंगल ही मंगल होते है। इस विकराल कलिकाल में शिव महापुराण ही भगवान शिव का विग्रह स्वरूप हैए इसकी कथा सुनने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि यश वैभव अपने आप प्राप्त हो
जाता है। व्यक्ति को चाहिए कि बहुत निष्ठा के साथ भगवान शिव के कथाअमृत का दिव्य पान बड़े मनोयोग से करें ।
कथा आयोजक रामसरुप रघुवंशी ने धर्म प्रेमी सज्जनों से माताओं बहनों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
जाता है। व्यक्ति को चाहिए कि बहुत निष्ठा के साथ भगवान शिव के कथाअमृत का दिव्य पान बड़े मनोयोग से करें ।
कथा आयोजक रामसरुप रघुवंशी ने धर्म प्रेमी सज्जनों से माताओं बहनों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।



