श्रद्धा भक्ति के माहौल में मनाया मोरयाई छठ, भैरोंबाबा की छठ और संतान सप्तमी का पर्व
मोहर विसर्जन का सिलसिला मिश्र तालाब घाट पर दोपहर से शाम तक चलता रहा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। शुक्रवार को एक साथ तीन धार्मिक त्योहार श्रद्धा भक्ति के माहौल में उत्साह व धूमधाम के साथ मनाए गए। शहर में जिन युवा युवतियों के विवाह इस साल हुए थे उनके घरों से ढोलनगाड़ों के साथ मोहर मोरपंख मुकुटों के दूल्हा दुल्हनों की शोभायात्रा निकाली गई ।शहर के विभिन्न मोहल्लों कालोनियों से यह शोभायात्रा नगर के प्राचीन मिश्र तलाव घाट पर पहुंची ।जहां महिलाओं ने कलश और दूल्हा-दुल्हन के मोहर की पूजा अर्चना कर विधिवत रूप से उन्हें पानी में विसर्जन किए गए ।इस मौके पर ननंदभौजाई और महिलाओं ने एक दूसरे पर पानी उलीचकर कर पानी से भिगोया और बरसों पुरानी कर परंपरा की रस्म अदायगी की ।मोहर विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार को दोपहर से देर शाम तक मिश्र तालाब घाट पर चलता रहा। शुक्रवार को दोपहर के समय महिला श्रद्धालुओं ने व्रत रखें और संतान सप्तमी के उपलक्ष में सामूहिक रूप से सप्त ऋषि यों की कथा सुनी और पूजन आरती हवन किया साथ ही महिलाओं ने अपने परिवार और संतान की सुख समृद्धि की कामना करते हुए खुशहाली जीवन देने का परम पिता परमेश्वर से कामना की। यह पूजन भादों माह के कृष्ण शुक्ल पक्ष की छठ और सप्तमी को हर घर की गई ।श्रद्धा भक्ति के माहौल में मनाया मोरयाई छठ ,भैरों बाबा की छठ और संतान सप्तमी का पर्व।,मोहर विसर्जन का सिलसिला मिश्र तालाब घाट पर दोपहर से शाम तक चलता रहा।
रायसेन में सराफा बाजार से चांदी के चूड़े और कड़े खरीदे गए पूजन सामग्री के साथ संतान सप्तमी के उपलक्ष में पूजा अर्चना की और सप्तर्षियों की कथा सुनी शाम के समय घर घर भैरव बाबा की छठ के उपलक्ष में पूजा और परिवार की सुख समृद्धि की कामना भैरव बाबा से करके उस घर में खुशहाली और सुख समृद्धि बनी रहे इसकी कामना भी की।


