मध्य प्रदेश

श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रृद्धालु

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया

उमरियापान । उमरियापान स्थित कृषि मंडी प्रांगण में पंडित दयानंद शास्त्री जी के सानिध्य में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है । कथा में चौथे दिन रविवार को कथा व्यास पंडित रोहित शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया । इस दौरान आकर्षक झांकी के साथ धूमधाम से भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया । कथा व्यास ने बताया कि जब-जब धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुई, तब तब परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की । मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर श्री हरि नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म एवं प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन किया । पंडित रोहित शास्त्री ने बताया कि ईश्वर के चौबीस अवतारों में से प्रमुख भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र से मर्यादा और श्रीकृष्ण चरित्र से ज्ञान, योग व भक्ति की प्रेरणा लेकर जीवन को धन्य करना चाहिए । जब भी हमें यह शुभ अवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें । कथा का सुनना तभी सार्थक होगा, जब उसके बताए हुए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करेंगे। इस अवसर पर बडी संख्या में श्रृद्धालुओं की उपस्थिती रही । कथा में आज सोमवार को गोवर्धन पूजा का वर्णन किया जाएगा ।

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