मध्य प्रदेश

सलामतपुर के समीप गोल पहाड़ी पर बौद्ध यूनिवर्सिटी की घटिया इमारतों का हो रहा निर्माण

निर्धारित मापदंडों का नहीं हो पा रहा कड़ाई से पालन, भवनों की सिंचाई ना होने से टिकाऊ क्षमता हो सकती है प्रभावित 63 करोड़ रुपयों की लागत से संजना कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही घटिया बिल्डिंगों का निर्माण
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
रायसेन जिले के सलामतपुर कस्बे के नजदीक गोल पहाड़ी पर भारत देश की दूसरी बड़ी बौद्ध यूनिवर्सिटी की इमारतों का निर्माण कराया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा इसका ठेका संजना कंस्ट्रक्शन कंपनी भोपाल ठेकेदार को दिया गया है। इस पहाड़ी पर चार बड़ी इमारतों का निर्माण किया जाना है । इसमें ऑडिटोरियम एकेडमिक भवन स्टडी रूम रेस्टोरेंट्स भवन सहित वाहन पार्किंग बनाई जाना है ।शुरुआती दौर से ही ठेकेदार द्वारा इन भवनों का निर्माण कमजोर स्थिति में बनाए जा रहे हैं । हालात यह है कि भरी गर्मी में भी ठेकेदार और इंजीनियर सहित सुपरवाइजर की लापरवाही के चलते भवनों के निर्माण के बाद उनकी पानी से सही तरीके से तराई नहीं कराई जा रही है। जिससे इमारतों की टिकाऊ क्षमता निश्चित रूप से प्रभावित हो रही है ।लोगों का कहना है कि अगर इस तरफ जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदार द्वारा यदि गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो करोड़ों रुपए खर्च करने से क्या मतलब ।जब कुछ मीडिया कर्मियों ने मौके पर जाकर मुआयना किया और इंजीनियरों से बात की तो वह बोले कि हम तो इसी तरह भवनों का निर्माण करते हैं । आपको इन निर्माण कार्यों से क्या लेना देना ।इस तरह ना तो भवनों की तराई की जा रही थी और जहां भवन निर्माण हो रहे हैं उसकी भराई और बोल्डरों से कर रहे हैं। जबकि नियम अनुसार उनकी भराई सीमेंट लोहे, गिट्टी आदि से की जानी थी । इतना ही नहीं इमारतों के निर्माण में लगाए जाने वाले शरीर लोहे की सलाखों को जंग लगी लगाई जा रही है ।
इमारतों की टिकाऊ क्षमता प्रभावित….
सांची बौद्ध यूनिवर्सिटी की इमारतों का निर्माण कर रहे कारीगर मजदूर सहित साइट इंजीनियर भी इमारतों के निर्माण पर गंभीरता नहीं बरत रही है ।जिसके चलते लोगों में आक्रोश व्याप्त है
गोल पहाड़ी पर हो रहा अवैध उत्खनन…..
गोल पहाड़ी पर संजना कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार द्वारा सांची बौद्ध
यूनिवर्सिटी की इमारतों का निर्माण हो रहा है ।वहां मशीनों से पहाड़ी का सीना छलनी कर के मुरम कोपरा और बोल्डरों की अवैध खुदाई की जा रही है।अवैध उत्खनन रोकने के लिए जिला प्रशासन और ना ही माइनिंग विभाग के अधिकारी कर्मचारी ध्यान दे रहे हैं ।जिससे शासन को राजस्व की लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है ।इस अवैध उत्खनन पर रोक लगाई जाने की मांग की है ।साथ ही ठेकेदार पर जुर्माने की कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
इस मामले में ठेकेदार अभिषेक कुमार सिंह का कहना है कि गोल पहाड़ी अब सांची बौद्ध यूनिवर्सिटी के अधीन हो चुकी।पहाड़ी से उत्खनन वैध श्रेणी में है।रही इमारतों की तराई की बात हमने जिम्मेदारों को नवनिर्मित इमारतों की नियमित तराई कराने के आदेश दिए हैं।

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