सिहोरा ने भाजपा को लगातार दिया भाजपा ने सिहोरा को क्या दिया
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति की भूख हड़ताल जारी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा ने 20 सालों से लगातार भाजपा को एक विधायक दिया, मुख्यमंत्री के बनने में एक सीट का महत्वपूर्ण योगदान दिया और प्रधानमंत्री को बनने में भी संसदीय क्षेत्र जबलपुर में भारी संख्या में मत देकर एक सीट का योगदान दिया पर बदले में भाजपा ने सिहोरा के लिए क्या किया? सिहोरावासी जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसे कौन से कारण थे जिसके कारण जिला बनने के बाद भी जिले की अंतिम अधिसूचना को 20 वर्ष से अधिक समय हो जाने के बाद भी रोका गया है ।
*जारी किए आंकड़े-* धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी ने एक चार्ट जारी किया जिसमें उन्होंने बताया कि लगातार 2003 से 2018 तक चार बार विधायक दिए गए और इन चारों बार बनी भाजपा की सरकार में मुख्यमंत्री के पद के लिए सिहोरा का सीधा योगदान रहा। इसी प्रकार 2004, 2009, 2014 और 2019 में चार भाजपा सांसद देने में सिहोरा का शत प्रतिशत योगदान रहा। इसी प्रकार नगर पालिका पार्षदों और नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव के आंकड़ों को जारी करते हुए भी आंदोलनकारियो ने यह बताने का प्रयास किया कि जनता ने बार- बार के भाजपा को सत्ता देने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन भाजपा ने सिहोरा के समर्पण को कभी भी महत्व देने की बजाय उसे गर्त में ढकेल दिया है ।
भूख हड़ताल पर बैठे वेद प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि जब 2004 में एक बार मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए किसी भी नए जिले के गठन को बनाना रोका गया था तो बाद में बने 9 जिलो में सिहोरा शामिल क्यों नही रहा ।
*25 को बड़ा आन्दोलन –* समिति के अनिल जैन ने कहा कि सिहोरा वासियों को आशा थी कि मुख्यमंत्री 25 अगस्त को सिहोरा आगमन पर जिला की सौगात देंगे पर उन्होंने सिहोरा वासियों को पीठ दिखाकर दुखी किया है इसलिए 25 अगस्त को जब मुख्यमंत्री जिले के जबलपुर और कटंगी दौरे पर होंगे सिहोरा वासी एक बड़ा आन्दोलन कर उनसे सिहोरा जिला घोषित करने की मांग करेंगे ।
बुधवार को हुई भूख हड़ताल में बेडीलाल पटेल, वेद प्रकाश द्विवेदी, प्रदीप दुबे, संतोष पांडे, अजय विश्वकर्मा और मोहन सोंधिया शामिल रहे ।



