ख़राब मौसम के बाद जमकर हुई ओलावृष्टि, रबी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान
एक दर्जन ग्रामो की फसलों को किया प्रभावित
ओलावृष्टि इतनी की जमीन पर फैल गई बर्फ़ की चादर
सिलवानी। तहसील क्षेत्र में शनिवार की दोपहर अचानक मौसम ने अपना रुख़ बदल लिया। और बारिश के साथ ओलावृष्टि होने लगी। देखते ही देखते जमकर हुई ओलावृष्टि से जमीन बर्फ की चादर के रूप में दिखाई देने लगी। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की रबी की फसलें बड़े पैमाने पर खराब होने की संभावना बन गई है।
बीते कुछ दिनों से बिगड़ रहे मौसम ने शुक्रवार की शाम को सियरमऊ क्षेत्र के डाबरी, पिपलिया, इमलिया में ओलावृष्टि के बाद शनिवार को फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। शनिवार को दोपहर के समय मौसम तेज हवा तूफ़ान के साथ बारिश लेकर आया। बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि होने लगी। तहसील क्षेत्र के ग्राम पहेरिया, सलैया, रामगढ़, निम्नापुर, चीकली, गुप्ती हमीरपुर, बम्होरी समेत आसपास के क्षेत्रों में जमकर ओलावृष्टि की जानकारी मिली है। यहां के किसानों ने बताया कि चने के आकार से बड़े बड़े ओला आसमान से अंधाधुंध बरस रहे थे। देखते ही देखते जमीन पर बर्फ का ढेर लग गया। तथा लगभग आधा घंटे तक हुई ओलावृष्टि के बाद बर्फ ने पिघनले में 1 घंटे का समय लिया। इस ओलावृष्टि से रबी की खेतो में खड़ी एवं कटी रखी फसलें बड़े पैमाने पर खराब होने की सम्भवना है। क्षेत्रीय किसानों ने शासन प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा वितरण की मांग की है।
ओला बृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हो गया किसानों की फसल खराब हो गई दोपहर के करीब अचानक तेज पानी के साथ ओले गिरने लगे । इस समय फसल आयी हुई खड़ी है वर्षा होने से अधिक नुकसान हुआ है कई जानवरों की मौत भी हो गई।







