मध्य प्रदेश

10 घंटे में 6 बार बनी जाम की स्थिति, न पुलिसकर्मी तैनात मिले, न परिषद ने हटवाया अतिक्रमण, लोग होते रहे परेशान

सोमवती अमावश्या होने के कारण शहर सहित आसपास की तहसील और जिलों से भी नर्मदा स्नान करने निकले श्रद्धालु
वाहन चालकों नें खुद संभाली व्यवस्थाएं, जाम खुलवाकर पहुंचे गंतव्य तक

सिलवानी। इन दिनों नगर के सबसे व्यस्तम बजरंग चौराहें पर बार बार जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक 6 से अधिक बार यहां पर जाम लगा। 10 से 15 मिनिट तक एक बार जाम लगता है, ऐसे में यहां से आवागमन करने वाले बाहरी यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है बल्कि गर्मी के कारण परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शहरी क्षेत्र में फोरलेन बनवाया था, उसका लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं बजरंग चौराहा भी अतिक्रमण की चपेट में आने से सकरा हो गया है। ऐसे में यहां पर जाम लगना आम बात हो गई है। इस दिशा में न तो पुलिस काम कर रही है न ही नगर परिषद परिणाम स्वरुप इसका खामियाजा शहरी क्षेत्र के लोगों के अलावा इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नागरिकों ने बताया कि शहर की व्यवस्थाएं दुरस्त करने के लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जाम लगने के यह है चार कारण
1 चौराहा पर बेतहाशा अतिक्रमण होने से वह सकरा हो गया है, जिससे भारी वाहनों की क्रासिंग नहीं हो पाती है। चालक किसी प्रकार नुकसान और विवाद न हो इसलिए अपने वाहन को धीरे धीरे निकालता है, जिससे जाम लग जाता है।
2 चौराहों पर दो साल पहले ट्रेफिक पुलिस तैनात रहती थी, ट्रेफिक जवान का रायसेन स्थानातंरण होने के बाद से यहां पर दूसरा कोई नहीं आया। थाना पुलिस भी यहां तैनात नहीं रहती।
3 स्थानीय वाहन चालक बाजार में खरीददारी करने आते है तो बेतरतीब तरीके से सड़क पर ही वाहनों को खड़ा कर देते हैं, ऐसे में सड़क से दूसरे वाहन नहीं निकल पाते हैं। जो जाम का कारण बनता है।
4- रेत, गिटटी के भारी वाहनों की आवाजाही भी शहरी क्षेत्र से हो रही है, जिसके चलते दिनभर जाम लगता है।

  • यह है चार समाधान
    1- चौराहें के चारों ओर पसरा अस्थाई अतिक्रमण को नगर परिषद और पुलिस संयुक्त रूप से हटाकर चौड़ीकरण करें ताकि आवागमन सुलभ हो और जाम न लगे।
    2- स्थाई रूप से यहां पर पुलिस कर्मियों की डयूटी लगाई जाए, 8- 8 घंटे की डयूटी पर एक जवान रहे जो यातायात को व्यवस्थित कर सकें।
    3- सड़क पर बेतरतीब पार्किंग करने वालों के खिलाफ थाना पुलिस को नियमित रुप से चालानी कार्रवाई करना चाहिए ताकि हर कहीं वाहन खड़ा करने वालों में भय बने और वह जगह होने पर ही वाहनों को खड़ा करें।
    4- तीज त्यौहार, या वैवाहिक सीजनों में भारी वाहन, रेत, गिटटी, भूसा के डंपरों पर नो एंट्री लगाकर रात के समय ही एंट्री दें या अन्य वैकल्पिक मार्ग बनाकर इन्हें निकाला जाए ताकि शहर में जाम न लगे।
    सहालग से बाजार में बढ़ी भीड़, जमकर कर रहे खरीददारी
    वर्तमान में शादी विवाह का सीजन होने के कारण इन दिनों बाजार में खरीददारों की भीड़ बढ़ गई है। उधर व्यापारियों द्वारा अपने स्तर पर व्यवसायिक परिसर में वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग का इंतजाम नहीं किया गया है। इस हाल में नगर की मुख्य सड़कों पर वाहन चालक मनमानी पूर्वक वाहन खड़े कर रहे हैं। जिससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है, बल्कि मुख्य सड़कों के अलावा चौराहों पर जाम लगने से लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी वक्त लग रहा है। यहां बता दें कि नगर की ट्रेफिक व्यवस्था सुधारने के लिए शांति समिति की बैठक में हर बार अनेक निर्णय लिए जाते हैं, लेकिन फैसलों पर अमल नहीं होने से ट्रेफिक व्यवस्था सुधर नहीं रही है।
    इस संबंध में अनिल मोर्य, एसडीओपी सिलवानी का कहना है कि आपकी जानकारी पूरी तरह से सही है। हम अतिक्रमण हटाने नगर परिषद को पत्र लिख रहे हैं तो वहीं थाना पुलिस की तैनाती करवाते हैं। स्थाई रूप से ट्रेफिक पुलिस की मांग करने के लिए एसपी को पत्र लिख रहे हैं। वहीं चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

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